चंडीगढ़। पार्षदों के कामकाज की समीक्षा होगी। इसके लिए ऑनलाइन सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए अगले सप्ताह प्रश्नावली तैयार किया जाएगा। इससे नगर निगम चुनाव में राजनीतिक पार्टियों के द्वारा बेहतर कर्मठ और ईमानदार उम्मीदवार बनाने का दबाव होगा। सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि वे अपने एरिया के पार्षद से कितने संतुष्ट हैं। क्या उन्हें दोबारा जिताया जाए या नहीं। यह फैसला सेक्टर- 44 के सामुदायिक केंद्र में रविवार को सिटी फोरम ऑफ वेलफेयर आर्गेनाइजेशंस (सीएफओआरडबल्यूओ) के आह्वान पर बुलाई गई बुलाई में हुआ। इस दौरान आने वाले नगर निगम चुनाव में आरडब्ल्यूए की भूमिका पर चर्चा की गई। इसमें फॉसवेक, सीएचबीआरडब्ल्यूएफ, क्राफ्ड, जीएचआरडब्ल्यूएफ, वीओजीएचएस और पीयू आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सीएफओआरडब्ल्यूओ के संयोजक विनोद वशिष्ठ ने कहा कि बैठक बहुत अच्छी रही। जहां सभी सेक्टर निवासी आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने विचार और सुझाव रखे। बैठक में आसपास के क्षेत्रों के 60 से अधिक आरडब्ल्यूए ने भी भाग लिया। समूह इस बात पर एकमत था कि पिछले एक दशक में चंडीगढ़ में बुनियादी नागरिक सेवाओं की स्थिति काफी खराब हुई है। अधिकांश पार्षद निवासियों की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करने में विफल रहे हैं। फॉसवेक के मुख्य प्रवक्ता पंकज गुप्ता ने शहर में अच्छी छवि वाले शिक्षित, ईमानदार व्यक्तियों को चुनने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को दलगत राजनीति से दूर रहना चाहिए और केवल अपने चेहरे के मूल्यों पर उम्मीदवार को वोट देना चाहिए।
क्राफ्ड के संरक्षक मेजर डीपी सिंह ने कहा कि सभी आरडब्ल्यूए के एक साथ आने की आज की पहल स्थानीय राजनीतिक दलों के लिए एक बड़े दबाव समूह और चेतावनी की घंटी के रूप में कार्य करने जा रही है। सीएचबीआरडब्ल्यूएफ के अध्यक्ष प्रो. निर्मल दत्त ने कहा कि नौकरशाही, एमसी और आरडब्ल्यूए शहर के तीन शक्ति केंद्र हैं। आरडब्ल्यूए परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली उपकरण बन सकता है। वॉयस ऑफ ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज (वीओजीएचएस) के अध्यक्ष एमएन शुक्ला ने कहा कि दक्षिणी बेल्ट ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के लोग अनिवासी जनप्रतिनिधियों से तंग आ चुके हैं। इस दौरान डडडूमाजरा ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण, डॉ. पीसी स्वामी, डॉ. राजीव कपिला, संजीव बंसल, वीके निर्मल, कमल अहलूवालिया, पीडीएस उप्पल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।