माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। मौलीजागरां में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर लोगों ने आरोप लगाया है कि समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय प्रशासन कागजों में हालात सामान्य दिखाने की कोशिश कर रहा है। आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से यह लिखवाकर साइन करा रहे हैं कि उनके घर साफ पानी आ रहा है, ताकि गंदे पानी की सच्चाई को दबाया जा सके।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से इलाके में गंदे पानी की सप्लाई की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इसके बावजूद पाइपलाइन और सीवर की समस्या दूर करने के बजाय प्रशासन ने सैंपल लेने और लोगों से बयान लिखवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोगों का सवाल है कि एक-दो दिन के सैंपल के आधार पर यह कैसे तय किया जा सकता है कि इलाके में नियमित रूप से साफ पानी की सप्लाई हो रही है।
साइन कराने पर दबाव, परिजनों में गुस्सा
स्थानीय निवासी सूरज ने बताया कि रविवार को कई लोगों के पास फोन आए कि नगर निगम के कर्मचारी साइन कराने आ रहे हैं। उनसे कहा गया कि पानी साफ आने की बात लिखकर हस्ताक्षर करें। सूरज ने बताया कि उनकी आठ साल की बेटी श्रेया की मौत पीलिया से हो चुकी है। परिजनों का आरोप है कि गंदे पानी की सप्लाई से ही उसकी तबीयत बिगड़ी थी। ऐसे में अब लोगों पर साइन कराने का दबाव बनाना बेहद संवेदनहीन है।
पीजीआई में भर्ती बच्ची, हालत गंभीर
इलाके में रहने वाले अमर भारती ने बताया कि उनकी बेटी की हालत पीजीआई में गंभीर बनी हुई है। अमर का कहना है कि गंदा पानी पीने से पहले पेट दर्द हुआ और फिर धीरे-धीरे हालत बिगड़ती चली गई। पिछले पांच दिन से बच्ची आईसीयू में है और अब कोमा में चली गई है। अमर ने बताया कि कई बार पानी देखने में साफ होता है लेकिन उसमें दवाइयों जैसी तेज बदबू आती है। लोगों को आशंका है कि यही दूषित पानी बीमारियों की बड़ी वजह बन रहा है।
सीवर और पानी की लाइन का संपर्क
विजय यादव का कहना है कि मौलीजागरां में सीवर लाइन अक्सर चोक रहती है। कई बार सीवर और पीने के पानी की लाइन आपस में संपर्क में आ जाती हैं, जिससे सप्लाई दूषित हो जाती है। इसके बावजूद अधिकारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे। लोगों का आरोप है कि प्रशासन यह मानकर चलता है कि यहां रहने वालों की कोई सुनवाई नहीं होगी। लोगों का कहना है कि जब तक जमीनी स्तर पर पाइपलाइन और सीवर की समस्या का समाधान नहीं होता तब तक सैंपल और कागजी कार्रवाई से हालात नहीं सुधरेंगे।
अन्य इलाकों में भी हालात खराब
मौलीजागरां के अलावा डड्डूमाजरा और हल्लोमाजरा में भी गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। डड्डूमाजरा निवासी ममता डोगरा ने बताया कि उनके इलाके में भी आए दिन गंदे पानी की समस्या रहती है। कई बार शिकायत के बाद कुछ दिन के लिए दिक्कत दूर होती है लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता। वहीं, हल्लोमाजरा के सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद का कहना है कि यहां पानी बेहद गंदा आता है और बच्चे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं। शिकायत करने पर भी एसडीओ स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, उल्टा ज्यादा शिकायत करने पर फोन तक बंद कर दिए जाते हैं।
दो दिनों से पानी के सैंपल लिए जा रहे : चीफ इंजीनियर
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा कि मौलीजागरां में पिछले दो दिनों से पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि व्यवस्था को बेहतर किया जा सके। उन्होंने कहा कि वीडियो बनाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है और वहां की समस्याओं पर लगातार टीम काम कर रही है।