केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने सरस्वती उद्गम स्थल आदि बद्री में की पूजा-अर्चना
राजस्थान के अनूपगढ़ में डैम बनाने की योजना, सरस्वती विकास बोर्ड बनाएगा सरकार से समन्वय
चंडीगढ़। सरस्वती नदी के पानी से राजस्थान की रेतीली धरा हरी-भरी करने की तैयारी है। इस योजना के तहत राजस्थान सरकार की ओर से अनूपगढ़ में डैम बनाया जाएगा। यही नहीं केंद्रीय स्तर पर नीति आयोग भू-गर्भ में बह रही सरस्वती नदी के पानी की उपयोगिता बढ़ाने को लेकर योजना तैयार करेगा। इस डैम के प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल अहम भूमिका निभाएंगे। राजस्थान सरकार और केंद्रीय नीति आयोग के साथ हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड समन्वय बनाकर पूरा प्रोजेक्ट तैयार करेगी।
केंद्रीय कानून मंत्री ने सरस्वती उद्गम स्थल आदि बद्री में पहुंचकर सरस्वती कुंड में पूजा-अर्चना की। उनके साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री सुरेश राणा और हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच भी मौजूद रहे। इस दाैरान केंद्रीय कानून मंत्री ने उद्गम स्थल से लेकर हरियाणा व राजस्थान में सरस्वती के जीर्णोद्धार व विकास को लेकर बोर्ड उपाध्यक्ष के साथ विस्तृत चर्चा की।
गौर हो कि मानसून सीजन के दौरान सरस्वती नदी में जल स्तर बढ़ जाता है, जिससे हरियाणा के कई क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। लिहाजा, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड, राजस्थान सरकार के सहयोग से सरस्वती के निरंतर जल प्रवाह को लेकर राजस्थान में सरस्वती सरोवर के साथ उच्च भंडारण क्षमता वाले जलाशय भी बनाए जाएंगे। राजस्थान सरकार ने मानसून सीजन में सरस्वती के पानी को संचित करने के लिए अनूपगढ़ में डैम बनाने की योजना तैयार की है।
सरस्वती के विकास को लेकर नीति आयोग तैयार करेगा योजना : मेघवाल
केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि राजस्थान के बाडमेर, जैसलमेर में कई जगह ऐसे स्थान हैं, जहां पर चार-पांच फीट जमीन खोदते ही ऐसा महसूस होता है कि नीचे नदी बहती है और स्प्रिंग से पानी ऊपर आ रहा है। उन स्थानों का भी अवलोकन किया, जहां सरस्वती नदी बहती थी और जो अभी भू-गर्भ में है। इसका कैसे विकास किया जाए, इसको लेकर नीति आयोग के साथ समन्वय बनाकर योजना तैयार की जाएगी।