-शव के दो टुकड़े किए, नया रेहड़ा खरीद खाली प्लाॅट में फंका था शव
-आरोपियों से हथियार और मृतक का बाइक हुआ बरामद, पूछताछ जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। ग्यासपुरा निवासी संजय सिंह की नृशंस हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि इस वारदात को किसी बाहरी ने नहीं बल्कि उसके ही दोस्त ने दो साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पैसों के लेनदेन को लेकर चल रहे विवाद में आरोपियों ने पहले संजय की हत्या की। फिर पहचान छिपाने के लिए शव के दो टुकड़े कर कक्का रोड स्थित खाली प्लॉट में फेंक दिए। इस मामले में सीआईए स्टाफ ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (जांच) जसकिरणजीत सिंह तेजा ने बताया कि संजय सिंह के लापता होने के बाद उसकी पत्नी पूनम ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। जांच के दौरान पुलिस को कक्का धौला रोड पर एक खाली प्लॉट से शव के अवशेष बरामद हुए, जिनकी शिनाख्त संजय सिंह के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि ताजपुर रोड निवासी राजेश कुमार उर्फ सूरत लाल यादव, जो मूल रूप से बिहार के गांव राही का रहने वाला है, का संजय सिंह के साथ पैसों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। अक्सर मुलाकात के दौरान दोनों में बहस होती थी। इसी रंजिश के चलते राजेश ने अपने परिचित मुन्ना कुमार, निवासी अंबेडकर नगर, साहनेवाल और मंगल सिंह, निवासी गांव मलसिया, जगरांव को साथ मिलाकर हत्या की साजिश रची।
लोहे की रॉड से वार कर की थी हत्या
पुलिस के अनुसार तीन जनवरी को आरोपी संजय सिंह को ग्यासपुरा इलाके में मिलने के बहाने बुलाकर एक बंद कमरे में ले गए। वहां लोहे की रॉड से वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को कपड़े में लपेटा गया और उसे ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने करीब पांच हजार रुपये में एक नया रेहड़ा खरीदा। शव को रेहड़े पर लादकर कक्का रोड के पास एक खाली प्लॉट में फेंक दिया गया। पहचान मिटाने के इरादे से शव के दो टुकड़े किए गए और उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई दो लोहे की रॉड, मृतक की मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद किया है।