मार्केट कमेटी चंडीगढ़ को सेब व्यापारियों की बेरुखी के कारण बीते तीन सालों में 12 करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ा है। मंडी फीस अधिक होने के कारण हिमाचल के 70 से 75 सेब व्यवसायी हरियाणा शिफ्ट हो गए। इन व्यापारियों का कहना है कि मार्केट कमेटी उन्हें जरूरी सुविधाएं मुहैया नहीं करा पा रही थी, इस कारण उन्हें सेक्टर-26 की मंडी से शिफ्ट होना पड़ा।
वर्ष 2016 में सेक्टर-26 की फल मंडी से हिमाचल प्रदेश के 70 से 75 सेब व्यापारी हरियाणा मंडी में शिफ्ट हो गए थे। तब इन व्यापारियों ने आरोप लगाया था कि उनसे ली जाने वाली दो प्रतिशत मार्केट फीस के अनुरूप उन्हें सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। हालांकि नाराज व्यापारियों को मनाने के लिए प्रशासक द्वारा काफी प्रयास किए गए, लेकिन वह नहीं माने।
सेब के हरियाणा व्यवसायियों चले जाने से बीते तीन साल में मार्केट कमेटी को फीस के रूप में अब तक 12 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है। आपको बता दें कि 2016 से पूर्व सेक्टर 26 की मंडी में 200 करोड़ रुपये तक के सेब का व्यवसाय किया जाता था। उस समय मार्केट कमेटी को हर साल दो फीसदी फीस व्यापारियों द्वारा दी जाती थी, जो करीब 4 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष बनती थी।
एप्पल शेड पर भी हो गया कब्जा
सेक्टर-26 की मंडी में सेब के व्यापारियों के जाते ही उन्हें एलॉट एप्पल शेड पर भी कब्जा हो गया है। मार्केट कमेटी की लापरवाही के कारण इन दिनों एप्पल शेड पर आलू, प्याज और लहसुन के व्यापारियों ने कब्जा कर लिया है। अभी कुछ सेब के व्यापारी मंडी में कार्य कर रहे हैं, जिन्हें इससे परेशानी उठानी पड़ रही है।
दिल्ली के बाद चंडीगढ़ था सेब का गढ़
सेब के व्यापार के लिए दिल्ली के बाद चंडीगढ़ देश की सबसे बड़ी मंडी हुआ करती थी। सेक्टर-26 मंडी के व्यापारियों ने बताया कि सेब की खरीद-फरोख्त करने के लिए कोलकाता, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित अन्य प्रांतों से दर्जनों व्यापारी यहां आते थे, लेकिन सेब के व्यापारियों के यहां से जाते ही अन्य प्रांतों के व्यापारियों ने भी यहां आना बंद कर दिया।
गायब हो गईं सेब की कई किस्में
सेब व्यापारियों के जाते ही ट्राइसिटी की सबसे बड़ी मंडी कही जाने वाली सेक्टर-26 की मंडी से सेब की कई किस्में भी गायब हो गईं। सेब के व्यापारियों ने बताया कि 2016 से पहले मंडी में किन्नौरी, गोल्डन, जूसी, कश्मीर का डिलीसियस सेब आता था, लेकिन अब सेब की कई किस्में गायब हो गईं हैं।
व्यापारियों के पलायन का प्रमुख कारण
हरियाणा में व्यापारियों से नहीं ली जा रही है मार्केट फीस, हिमाचल प्रदेश से हरियाणा मंडी के बेहतर रूट की व्यवस्था, सेक्टर 26 की मंडी में सेब व्यापारियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं होना,
हरियाणा के मुकाबले चंडीगढ़ में सख्त यातायात नियम भी एक कारण
सेब के व्यापारियों की बेरुखी से मार्केट कमेटी को नुकसान हो रहा है। सीजन से पहले व्यापारियों को वापस बुलाने के लिए प्रयास किए गए, लेकिन हरियाणा में मार्केट फीस माफ होने के कारण उन्होंने यहां आने से मना कर दिया। प्रशासन की ओर से व्यापारियों को मनाने की कोशिश अभी भी जारी है।
- नाजुक कुमार, प्रशासक, मार्केट कमेटी, चंडीगढ़