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छोटे किसानों की दुर्दशा व संघर्ष को दर्शा गया कंबल

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चंडीगढ़। टीएफटी विंटर नेशनल थियेटर फेस्टिवल के तहत बाल भवन में उत्सव कला मंच चंडीगढ़ द्वारा शनिवार को नाटक ‘कंबल’ का मंचन किया गया। मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखा और अनूप शर्मा द्वारा निर्देशित इस नाटक का नाट्य रूपांतरण अनूप शर्मा ने किया।
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यह नाटक मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा लिखित कहानी पूस की रात का नाट्य रूपांतरण था। पूंजीपति व्यवस्था पर कटाक्ष करता यह नाटक भारतीय छोटे किसान की दुर्दशा व संघर्ष को दर्शाता है कि किस प्रकार सर्दी में कंबल जैसी मूलभूत जरूरत के लिए भी किसान को संघर्ष करना पड़ता है। यह नाटक यह भी दिखाता है कि ये देश कृषि प्रधान है तो यहां का प्रधान भी किसान होना चाहिए। साथ ही साथ किसानों को आत्महत्या न करके जीवन को जीने के लिए प्रेरित करता है। नाटक में बहुत से उतार चढ़ाव आते हैं जो दर्शकों को बांधे रखता है। नाटक के निर्देशन व नाट्य रूपांतरण का दायित्व अनूप शर्मा ने निभाया। इस नाटक मे अनूप शर्मा, सौदामिनी कपूर, अनुज वत्स और गोरकी सिंह ने अभिनय किया। इस नाटक में संगीत और शब्द रचना बसंत लहौरिया, प्रकाश व्यवस्था कमजीत सिंह, वेशभूषा सौदामिनी, मंच सामग्री गुरविंदर सिंह, मनीष और विरेंद्र ने किया।
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