हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान बोलते मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को शुरू हो गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा गुरुग्राम में खुले में नमाज नहीं पढ़ने देने के बयान को लेकर सदन में मामला गूंजा। मेवात के विधायकों ने इस मामले को जोर शोर से उठाया और मांग की कि सीएम इसके लिए माफी मांगें, साथ ही मुस्लिमों को खुले में नमाज पढ़ने दें। साथ ही कहा कि सरकार को धर्म के मामले में दखल नहीं देना चाहिए।
विधायक मोहम्मद इलियास ने कहा कि देश की आजादी में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी ने बलिदान दिया है। आज भी सभी भाईचारे के साथ रह रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा खुले में नमाज नहीं पढ़ने देने के बयान से बड़ा दुख हुआ है। कुछ पार्टी धर्म में बाधा डाल रही है। महात्मा गांधी ने मेवात में आकर कहा था कि मेव देश की रीढ़ की हड्डी हैं, इसलिए उस समय वे पाकिस्तान नहीं गए थे।
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विधायक मामन खान ने कहा कि मुख्यमंत्री नमाज को लेकर दिया गया अपना बयान वापस लें। धर्म के नाम पर वोटों की लड़ाई न लडे़ं। धर्म अलग मसला है। लोगों को खुले में नमाज पढ़ने दें। याद हो कि 10 दिसंबर को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा था कि किसी भी कीमत पर खुले में नमाज नहीं होने दी जाएगी। कोई अपनी जगह, नमाज, पाठ या पूजा करता है तो हमें कोई दिक्कत नहीं है।