चंडीगढ़। वर्ष 2025 में जीएसटी कलेक्शन में चंडीगढ़ का ग्राफ बेहतर हो गया है। अप्रैल 2025 से लेकर दिसंबर 2025 के बीच चंडीगढ़ में जीएसटी का कलेक्शन 2292 करोड़ रुपये का रहा। यह वर्ष 2024 की इसी समयावधि से 7.1 फीसदी ज्यादा है। चंडीगढ़ में जीएसटी ग्रोथ पंजाब से करीब तीन फीसदी ज्यादा है और हरियाणा के बराबर है। वहीं, चंडीगढ़ में पोस्ट सेटेलटमेंट जीएसटी कलेक्शन दिसंबर में 188 करोड़ रुपये रहा जो दिसंबर 2024 के कलेक्शन (183 करोड़ ) से 2 फीसदी ज्यादा है। वहीं, चंडीगढ़ में प्री सेटेलमेंट जीएसटी दिसंबर 2025 में 62 फीसदी रह गया जो कि पिछली बार की अपेक्षा 5 फीसदी कम है।
पंजाब में 20539 करोड़ रुपये का कलेक्शन
वहीं, यदि हम चंडीगढ़ की तुलना पंजाब से करें तो पंजाब में अप्रैल 2025 से लेकर दिसंबर 2025 तक 20539 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया गया लेकिन ग्रोथ 4.2 फीसदी ही रही। वहीं, हरियाणा का जीएसटी कलेक्शन 88567 करोड़ रुपये का रहा जो कि पिछले वर्ष की अपेक्षा 7.3 फीसदी ज्यादा है।
चंडीगढ़ में छह फीसदी बढ़ गया जीएसटी कलेक्शन
वैसे यदि देखें तो चंडीगढ़ का जीएसटी कलेक्शन नवंबर 2025 में छह फीसदी बढ़ गया था। नवंबर 2024 में यह कलेक्शन 230 करोड़ था जबकि वर्ष 2025 के दौरान नवंबर में यह 243 करोड़ रुपये हो गया। चार्टेड एकाउंटेंट अभिनव चड्ढा के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार की अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट या किसी विशेष उद्योग में समस्याएं भी जीएसटी कलेक्शन से सीधे संबंधित होता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी कलेक्शन में गाड़ियों की बिक्री से आया राजस्व अहम भूमिका निभाता है।