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Chandigarh News: चंडीगढ़ में चोर बेखौफ... वीआईपी सेक्टर भी सुरक्षित नहीं

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में अब वीआईपी इलाके भी सुरक्षित नहीं रहे। आए दिन बंद घरों के ताले टूट रहे हैं और औसतन रोज तीन से चार वाहन चोरी हो रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज मिलने के बावजूद क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और जिला क्राइम सेल आरोपियों को पकड़ने में पूरी तरह फेल नजर आ रही हैं।
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पिछले चार दिनों में ही शहर में चोरी की 14 घटनाएं सामने आई हैं। सेक्टर-10 में एक डॉक्टर के घर से लाखों रुपये के गहने चोरी हुए, जबकि सेक्टर-16 में हरियाणा सरकार में कार्यरत अधिकारी के घर का ताला तोड़कर बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया। इन दोनों सेक्टरों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी रहते हैं, इसके बावजूद चोर बेखौफ हैं। 24 दिसंबर को सेक्टर-7 में करीब एक करोड़ रुपये की चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल और गहरे कर दिए।
शहर में चोरी के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2025 में 1682 वाहन चोरी हो चुके हैं लेकिन एक भी संगठित गिरोह पर बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी है। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस की सक्रियता केवल चालान काटने तक सीमित रह गई है।
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शातिर गिरोह सक्रिय, नई-नई तरकीबें
शहर में चाबी बनाने के बहाने घरों में चोरी करने वाली गैंग सक्रिय है। 21 दिसंबर को सेक्टर-37 में अलमारी की चाबी बनाने के नाम पर 60 हजार नकद और लाखों के जेवरात चोरी कर लिए गए। इसी तरह शादी समारोहों में सूट-बूट पहनकर चोरी करने वाली गैंग लगातार वारदातें कर रही है। सेक्टर-35 के खुखरैन भवन में शादी समारोह के दौरान साढ़े पांच लाख नकद और साढ़े चार लाख के गहने चोरी हुए। 7 नवंबर को जेडब्ल्यू मैरियट होटल से 17 तोला सोना चोरी होने का मामला भी अब तक अनसुलझा है।

पीड़ितों की सलाह: पुलिस के भरोसे न रहें
पीड़ितों का कहना है कि लोग अब अपनी सुरक्षा खुद करें। घरों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर मोबाइल से जोड़ें और बाहरी ताले के बजाय इंटरनल लॉक का इस्तेमाल करें। हाल ही में सेक्टर-39 में एक व्यक्ति ने मोबाइल पर कैमरा देखकर चोर को रंगे हाथों पकड़ लिया।
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