चंडीगढ़। शहर की समस्या समाधान टीम ने शहर में 24 घंटे पानी के लिए करोड़ों कर्ज लेने के फैसले को गलत बताया है। टीम ने कहा है कि कर्ज लेने के बाद सारा बोझ चंडीगढ़ की जनता पर आएगा और इससे शहर में पानी के दामों में फिर से बढ़ोतरी होगी।
समस्या समाधान टीम के मनोज शुक्ला ने कहा कि पिछले एक साल में शहर में पानी के दाम काफी बढ़ गए हैं। हर साल तीन प्रतिशत के हिसाब से पानी के दाम बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी जा चुकी है और अब अगर चंडीगढ़ नगर निगम यह कर्ज लेगा तो यह कर्ज उतारने के लिए चंडीगढ़ की जनता पर और टैक्स लगाना पड़ेगा या फिर पानी के दाम में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। कोरोना महामारी के कारण पहले ही लोग आर्थिक मंदी से जूझ रहे है। उन्होंने कहा कि संस्था ने कर्ज लेने के खिलाफ सभी मंत्रियों और अफसरों को पत्र लिखा है।
टीम के प्रधान एके सूद ने कहा कि चंडीगढ़ को 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाने की योजना की जरूरत नहीं है, क्योंकि राष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार पानी की खपत प्रति व्यक्ति 135 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति है और चंडीगढ़ में यह 256 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति उपलब्ध है, जो कि राष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार 121 लीटर ज्यादा है।