पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत का मामला राजनीति रंग लेता जा रहा है। इस मामले में खुद को बेटे अकील का दोस्त बताने वाले शिकायतकर्ता शमशुद्दीन की विभिन्न पार्टियों के नेताओं के साथ वायरल फोटो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, पूर्व डीजीपी की पत्नी रजिया सुल्ताना कांग्रेस की सरकार में पूर्व मंत्री रह चुकी हैं। वे मालेरकोटला से चुनाव लड़ती हैं। साल 2022 में भी उन्होंने चुनाव लड़ा था मगर आप के उम्मीदवार से हार गई थीं।
शिकायतकर्ता शमशुद्दीन चौधरी के कई दलों के साथ पॉलिटिकल कनेक्शन सामने आए हैं। बताया जाता है कि वे पहले बसपा में रहे, उसके बाद शिरोमणि अकाली दल में चले गए। इस केस के बीच शिअद के वरिष्ठ नेताओं के साथ अचानक उनके फोटो सामने आए। शमशुद्दीन ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान शिअद छोड़ दी और मालेरकोटला से आप के उम्मीदवार डॉ. जमील-उर-रहमान को समर्थन दे दिया।
जीतने के बाद वे विधायक रहमान के कार्यालय में काम करने लगे और क्षेत्र के लोग उन्हें विधायक के निजी सहायक के रूप में जानने लगे। बताया जाता है कि बाद में विधायक के कार्यकर्ताओं से कुछ अनबन के बाद उसे कार्यालय से कार्यमुक्त कर दिया गया था।