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पूर्व डीजीपी मुस्तफा के बेटे की माैत: शिकायतकर्ता के राजनीतिक कनेक्शन आए सामने, आप विधायक का किया था समर्थन

Thu, 23 Oct 2025 09:25 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की माैत पंचकूला स्थित घर में हुई थी। मामले की जांच के लिए पंचकूला पुलिस की एसआईटी गठित हो चुकी है।
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पूर्व डीजीपी के बेटे की माैत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत का मामला राजनीति रंग लेता जा रहा है। इस मामले में खुद को बेटे अकील का दोस्त बताने वाले शिकायतकर्ता शमशुद्दीन की विभिन्न पार्टियों के नेताओं के साथ वायरल फोटो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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मामले की जांच के लिए पंचकूला पुलिस की एसआईटी गठित हो चुकी है और हरियाणा सरकार यह मामला सीबीआई के सुपुर्द करने की तैयारी में भी है मगर सियासी गलियारों में यह मामला काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। 

कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुकी हैं रजिया सुल्ताना

दरअसल, पूर्व डीजीपी की पत्नी रजिया सुल्ताना कांग्रेस की सरकार में पूर्व मंत्री रह चुकी हैं। वे मालेरकोटला से चुनाव लड़ती हैं। साल 2022 में भी उन्होंने चुनाव लड़ा था मगर आप के उम्मीदवार से हार गई थीं। 

कई दलों से हैं शिकायतकर्ता का कनेक्शन

शिकायतकर्ता शमशुद्दीन चौधरी के कई दलों के साथ पॉलिटिकल कनेक्शन सामने आए हैं। बताया जाता है कि वे पहले बसपा में रहे, उसके बाद शिरोमणि अकाली दल में चले गए। इस केस के बीच शिअद के वरिष्ठ नेताओं के साथ अचानक उनके फोटो सामने आए। शमशुद्दीन ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान शिअद छोड़ दी और मालेरकोटला से आप के उम्मीदवार डॉ. जमील-उर-रहमान को समर्थन दे दिया।

जीतने के बाद वे विधायक रहमान के कार्यालय में काम करने लगे और क्षेत्र के लोग उन्हें विधायक के निजी सहायक के रूप में जानने लगे। बताया जाता है कि बाद में विधायक के कार्यकर्ताओं से कुछ अनबन के बाद उसे कार्यालय से कार्यमुक्त कर दिया गया था। 

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विधायक डॉ. रहमान भी कह चुके हैं कि शमशुद्दीन की शिकायत से उनका कोई लेना-देना नहीं है और इस मामले की जांच पुलिस कर रही है। विधायक यह भी स्प्ष्ट कर चुके हैं कि शमशुद्दीन बसपा व शिअद में तो रहा लेकिन कभी आप में शामिल नहीं हुआ। उसने सिर्फ समर्थन दिया था मगर काफी समय से उनका शमशुद्दीन से कोई संपर्क नहीं हुआ।

उधर शिकायतकर्ता शमशुद्दीन दावा करते हैं कि वे विधायक के जानकार रहे हैं मगर वे भी काफी समय से उनसे नहीं मिले हैं। उनका कहना है कि वे किसी राजनीति दल से संबंध नहीं रखते हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अभी अपनी पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है।

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