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Chandigarh News: पंजाब की पीएम से गुजारिश, प्रदूषण पर बुलाएं मुख्यमंत्रियों, विशेषज्ञों की बैठक

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-प्रदूषण नियंत्रण के मसले पर एक राष्ट्रीय कार्य योजना बनाने की मांग
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-दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए पंजाब के किसानों को जिम्मेदार ठहराने से नाराज है सरकार
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पराली के मामले में आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले के मद्देनजर पंजाब ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश की है कि वे प्रदूषण के मसले पर प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक बैठक बुलाएं। इसमें विशेषज्ञ, किसानों व अफसरों को भी शामिल किया जाए और इस दौरान इस पर एक राष्ट्रीय कार्य योजना तैयार की जाएगी।
दरअसल दिल्ली में बढ़े प्रदूषण के स्तर के बाद दिल्ली सरकार ने इसका ठीकरा पंजाब पर फोड़ा था। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने आरोप लगाया था कि पंजाब के किसान पराली जला रहे हैं और सरकार इसे रोक पाने में नाकाम है इसलिए पराली का धुआं दिल्ली के प्रदूषण को प्रभावित कर रहा है। इस पर पंजाब के मंत्रियों व विधायकों ने भी पलटवार किया था। दिल्ली सरकार की ओर से पंजाब को इसका जिम्मेदार ठहराने पर सूबे में आप सरकार खासी नाराज है।
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इसी के मद्देनजर इन आरोप-प्रत्यारोपों से इतर आप सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान चाहती है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में हवा खराब होती है और हर बार इसका जिम्मेदार पंजाब को ठहराना उचित नहीं है। पंजाब सरकार इस बात से नाराज है इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की गई है कि वे निजी पहल करते हुए किसानों, विशेषज्ञों और मुख्यमंत्रियों की इसी मसले पर एक बैठक बुलाएं। इस दौरान गहन चिंतन-मंथन किया जाए और फिर एक एक राष्ट्रीय कार्य योजना तैयार की जाए। तभी हम भावी पीढ़ी, पर्यावरण और अपने देश के भविष्य की रक्षा कर सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब के किसानों पर दोष लगाने के लिए दिल्ली के भाजपा नेताओं की सूबा सरकार ने सख्त शब्दों की निंदा की है। वायु प्रदूषण कोई राजनीतिक हथियार नहीं है बल्कि यह एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है। अरविंद केजरीवाल या पंजाब के किसानों को दोषी ठहराना इसका हल नहीं हो सकता।
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नेबुलाइजर, स्टेरॉयड दवाएं देने को मजबूर
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर ने बताया कि इस सीजन में अचानक प्रदूषण बढ़ने के दौरान अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ के 15% से अधिक मामले सामने आते हैं। बच्चों को सांस लेने में मुश्किल होती है, गंभीर बुरे प्रभावों वाली नेबुलाइजर और मजबूत स्टेरॉयड दवाइयों का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह एक मानवीय संकट है, राजनीतिक मुद्दा नहीं। इसीलिए पीएम से गुजारिश की है कि वे पूरे देश को अपना परिवार कहते हैं, इसलिए कृपया अपने परिवार को इस गंभीर मसले पर इकट्ठा करें। ताकि इस पर राजनीति करने के बजाय इसका स्थायी समाधान ढूंढा जा सके। हम प्रदूषण को सामूहिक तौर पर हल किए बिना तरक्की नहीं कर सकते। भाषणों और आरोपों का समय समाप्त हो गया है, अब राष्ट्रीय कार्रवाई का समय है। मान ने कहा कि डीएपी खाद की कमी है लेकिन जल्द ही डीएपी खाद पंजाब पहुंच जाएगी ताकि रबी सीजन में किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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