संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। पीरमुछल्ला क्षेत्र में स्थित वृंदावन गार्डन सोसाइटी में संदिग्ध परिस्थितियों में जहर निगलने वाले परिवार के दोनों सदस्यों पिता-पुत्र की पीजीआई में हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों को अभी तक होश नहीं आया है। इसके चलते पुलिस मामले की गुत्थी सुलझा नहीं पाई है। वहीं पुलिस को मौके से एक पेस्टीसाइड की बोतल मिली है।
पुलिस के अनुसार जहर निगलने वाले परिवार को अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस के चालक को एक जहरीले पदार्थ की बोतल मिली थी। उसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच के लिए लैबोरेटरी में भेज दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार जो बोतल मिली वह बोतल बाजार से आसानी से नहीं मिलती है। जिसकी भी पुलिस जांच कर रही है परिवार ने यह बोतल कैसे हासिल की।
बता दें कि मामले में परिवार की महिला सदस्य मंजू गोयल की शनिवार को सेक्टर-6 के मोहाली अस्पताल में मौत हो गई थी। बता दें कि वृंदावन सोसाइटी के फ्लैट नंबर 504 निवासी संजय गोयल (50), उनकी पत्नी मंजू गोयल (39), और उनके बेटे अक्षित (19) ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया था। जहर पीने के बाद अक्षित ने मासी अंशु को फोन किया। जिन्होंने एंबुलेंस बुलाकर उनको अस्पताल पहुंचाया था। इन्हें पहले ढकोली अस्पताल भेजा गया, जहां से डाक्टरों ने मोहाली के सेक्टर-6 भेज दिया। वहां डाक्टरों ने हालत गंभीर होने के चलते पीजीआई रेफर कर दिया। वहां उनका इलाज चल रहा है। बता दें कि 40 घंटे बाद भी पुलिस को परिवार के जहर निगलने के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परिवार आर्थिक परेशानी में चल रहा था और कर्ज से परेशान होकर यह कदम उठाया है।
कोट्स जहर निगलने वाले पिता-पुत्र को होश नहीं आया है। जब तक उनको होश नहीं आता और उनका बयान दर्ज नहीं किया जाता, तब तक कुछ भी कहना मुश्किल है। फिलहाल पुलिस को यही जानकारी मिली है के संजय गोयल उधारी के पैसे चुकाने में असफल था, इसके बाद पूरे परिवार ने यह कदम उठाया। जो जहर की बोतल मौके से मिली थी, उसे जांच के लिए लैब में भेज दिया गया है।
-धर्मपाल सिंह, एएसआई जांच अधिकारी।