फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रतिबंध का रहा सकारात्मक असर, वायु के साथ ध्वनि प्रदूषण में भी हुआ था सुधार

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। बीते वर्ष पटाखों पर प्रतिबंध होने पर सकारात्मक असर दिखा था दिवाली की अगली सुबह वायु प्रदूषण का स्तर बीते चार वर्षों की तुलना में सबसे कम रहा था। वहीं, ध्वनि प्रदूषण में भी करीब दस डेसीबल की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि मोहाली, पंचकूला में पटाखे चलने का असर सीमावर्ती इलाकों में दिखा था।
विज्ञापन

वर्ष 2019 में दिवाली पर अधिकतम ध्वनि प्रदूषण 79.8 डेसीबल रिकार्ड किया गया था, जबकि वर्ष 2020 में ये 66.6 डेसीबल दर्ज हुआ था। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, रात के वक्त वातावरण में ध्वनि प्रदूषण की मात्रा 35 डेसीबल और दिन में 45 डेसीबल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि चंडीगढ़ के वायु प्रदूषण में जो भी वृद्धि दर्ज की गई, उस पर पंचकूला व मोहाली में हुई आतिशबाजी का असर पड़ा। चंडीगढ़ में भी देर रात कई जगह पटाखे चलाए गए थे। पाबंदी के बावजूद पटाखे चलाने पर कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।
विज्ञापन

दिवाली पर किस साल कितना रहा एक्यूआई
जगह 2020 2019 2018 2017
सेक्टर-39 314 352 -- --
पेक 217 280 297 247
सेक्टर-17 227 247 177 137
सेक्टर-22 213 371 311 240
सेक्टर-25 140 341 -- --
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें