चंडीगढ़। शानदार प्रस्तुतियों के साथ प्राचीन कला केंद्र की ओर से आयोजित 51वां अखिल भारतीय भास्कर राव नृत्य एवं संगीत सम्मेलन का रविवार को समापन हो गया। समापन दिवस पर प्रसिद्ध तबला वादक पंडित योगेश समसी और वीणा वादक पद्मभूषण पंडित विश्वमोहन भट्ट ने टैगोर थिएटर में शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। इस मौके पर प्राचीन कला केंद्र की रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कोसर और सचिव सजल कौसर सहित अन्य गण्यमान्य उपस्थित रहे।
डॉ. कौसर ने बताया कि कलाकार योगेश समसी पहले सत्र के कलाकार थे। उन्होंने तबले से शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने तबला के पंजाब घराने के विशेष रचनाएं प्रस्तुत कीं। उनके साथ तन्मय देवचके ने हारमोनियम पर संगत की। इसके बाद पंडित विश्वमोहन भट्ट ने दुर्लभ राग विश्वरंजनी में पारंपरिक आलाप, जोड़ के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुआत की और राग का विस्तार रूप प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्होंने द्रुत और विलंबित गत पेश की। उन्होंने समापन प्रस्तुति द्वारा केंद्र के संस्थापक गुरु एमएल कौसर को राग जोग और किरवानी के स्वरों से भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनके साथ तबले पर अभिषेक मिश्रा ने संगत की। सचिव सजल कौसर ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी सहयोगियों का आभार प्रकट किया।