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Chandigarh News: प्रशासन ने साढ़े चार से आठ फीसदी बढ़ाया डीसी रेट, 48 वर्गों का एक रुपया भी नहीं बढ़ा

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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने रविवार को शहर के विभिन्न विभागों में कार्य करने वाले करीब 18 हजार कर्मचारियों के डीसी रेट में संशोधन किया। इससे कई कर्मचारी खुश हैं तो कई के चेहरे लटक गए हैं। प्रशासन ने अलग अलग वर्गों में साढ़े चार फीसदी से आठ फीसदी तक डीसी रेट में बढ़ोतरी की लेकिन कुल मौजूद 468 वर्गों में से 48 वर्गों के कर्मचारियों का एक रुपया भी नहीं बढ़ाया है। इससे कई कर्मचारी नाराज हो गए हैं।डीसी विनय प्रताप सिंह की तरफ से जारी आदेश के अनुसार 105 वर्ग के अलग अलग पद पर तैनात कर्मचारियों का इस समय 18,461 रुपये प्रति माह का वेतन था, जिसे अब 20 हजार रुपये कर दिया है। इनमें बेलदार, कैटल कैचर, चौकीदार, क्लीनर, कुक, हेल्पर, गेटकीपर, माली, सफाई कर्मचारी और वेटर जैसे वर्ग शामिल है। जबकि क्लर्क का वेतन अब 22,428 रुपये कर दिया गया है। डाटा एंट्री ऑपरेटर जो कि इस समय 26,902 का वेतन ले रहे थे, अब उनका वेतन बढ़ाते हुए 28,250 कर दिया गया है। सिक्योरिटी गार्ड का वेतन 24180 से बढ़ाकर 26114 कर दिया गया है। बता दें कि यूनियनों को उम्मीद थी कि डीसी रेट्स में 13 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी, लेकिन अलग अलग वर्गों में सिर्फ साढ़े चार से आठ प्रतिशत तक ही बढ़ोतरी हुई है। ग्रेड पे के हिसाब से ये बढ़ोतरी की गई है। कई वर्ग का ग्रेड पे उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते इनमें बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस कारण कर्मचारियों में रोष है।
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जेई सिविल, मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन के डीसी रेट में बदलाव नहीं
मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन के वेतन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जेई सिविल भी पहले की तरह 38 हजार रुपये ही हर माह वेतन लेंगे। संशोधित डीसी रेट एक अप्रैल से लागू माने जाएंगे जो कि अगले साल 31 मार्च तक लागू रहेंगे। चालू सत्र के लिए न्यूनतम वेतन तय किया गया है। चंडीगढ़ के सरकारी दफ्तरों, बोर्ड, कोरपोरेशन, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग और चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन विभिन्न इकाइयों में कार्यरत कच्चे कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। यह रेट सिर्फ 8 घंटे की सेवाओं के लिए है। ऐसे में पार्ट टाइम कर्मियों के घंटों के हिसाब से सेवाओं को देखते हुए कमाई का आकलन किया जा सकता है।

यूनियन नेता बोले- बढ़ोतरी हुई कम, 16 प्रतिशत तक की रखी थी मांग
कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी एंप्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव राकेश कुमार ने कहा कि उन्हें 13 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद थी। पिछली पेंडिंग बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए इतनी बढ़ोतरी होनी चाहिए थी, क्योंकि उन्होंने भी 16 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की मांग रखी थी। जिस तरह से महंगाई हो रही है, उस हिसाब से कर्मचारियों को वेतन नहीं बढ़ रहा है। इसी तरह ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन एंड एमसी एम्पलाइज एंड वर्कर्स के कन्वीनर अश्वनी कुमार ने कहा कि वह अधिक बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। इसके अलावा कई वर्ग में बढ़ोतरी नहीं हुई है जबकि सभी वर्गों में बढ़ोतरी होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष ये मुद्दा उठाएंगे ताकि सभी वर्गों में बढ़ोतरी हो सके।
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