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पंजाब में आतंकवाद जिंदा करने को अपनाया जा रहा ये तरीका, टारगेट हैं नौजवान

Wed, 27 Dec 2017 11:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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Terrorists Are Using Social Media
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पंजाब में आतंकवाद को जिंदा करने के लिए आतंकवादी संगठनों ने अब एक ऐसा तरीका अपनाया है, जिसे नौजवान सबसे ज्यादा यूज करते हैं। वो है सोशल मीडिया, जिसके जरिए न केवल वह पंजाब में अपने स्लीपिंग मॉड्यूल तैयार कर रहे हैं बल्कि वह फंड भी उपलब्ध करवा रहे हैं।
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खुफिया एजेंसियां इस इंटरनेट कॉलिंग के नेटवर्क को ब्रेक करने में लाचार दिख रही है। पंजाब में लगातार हिंदू नेताओं की हत्या की घटनाओं को इसलिए ही नहीं रोका जा सका क्योंकि सारा नेटवर्क विदेशों से इंटरनेट व सोशल मीडिया के जरिए चल रहा था। पिछले दो साल में जितने भी आतंकी नेटवर्क पंजाब में ब्रेक किए गए हैं, उनमें एक ही बात कॉमन है कि सारे ग्रुप पंजाब में सोशल मीडिया के जरिये ही आपरेट हो रहे थे।

आरएसएस के सहसंघ चालक ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा पर अगस्त 2016 के आखिरी सप्ताह में हमला किया गया था और तब से लेकर लगातार एक साल तक पंजाब में हिंदू नेताओं की हत्या की जाती रही। विभिन्न आतंकवादी संगठनों द्वारा फेसबुक पर पेज चलाए जा रहे हैं। इन पेजों पर 1984 के दंगों को लेकर कमेंट व स्टेट्स डालकर युवाओं को भड़काया जा रहा है।
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लुधियाना में पकड़े गए थे बब्बर खालसा के सात आतंकी

बब्बर खालसा - फोटो : self
एजेंसियों के आला सूत्रों के मुताबिक, ऐसे युवा जो लगातार इन पेज पर एक्टिव होते हैं तो उनको नेटवर्क का हिस्सा बना लिया जाता है। इसी साल सितंबर माह में लुधियाना में प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा के सात आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से तीन पिस्टल और 33 कारतूस समेत काफी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद हुए। ये लोग सोशल मीडिया के जरिये इंग्लैंड में बसे आतंकी सुरिन्दर सिंह बब्बर के संपर्क में थे और यहां ऐसे लोगों को अपना निशाना बनाने की फिराक में थे जो खालिस्तान के खिलाफ लिखते थे।

व्हाट्स एप व फेसबुक कालिंग के जरिये यूके में इनकी लगातार बात हो रही थी। पंजाब में माहौल बिगाड़ने के लिए इन्हें विदेश से फंडिंग होती थी। इसी साल 21 मई को पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने संयुक्त ऑपरेशन में अमृतसर के पास अजनाला से दो खालिस्तानी आतंकियों को पाकिस्तान से आए हथियारों की डिलीवरी लेते हुए गिरफ्तार किया था और चंद दिन बाद पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग और मोहाली पुलिस ने साझा ऑपरेशन में खालिस्तान जिंदाबाद नाम के एक नए टेरर मॉड्यूल का खुलासा किया था।

खुलासा हुआ कि पाकिस्तान, इंग्लैंड और कनाडा में बैठे खालिस्तान समर्थक पंजाब के युवकों को फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार कर रहे थे।
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सोशल मीडिया पर तैयार किया मॉड्यूल...

social media
सोशल मीडिया पर खालिस्तान समर्थक सोच रखने वाले आतंकियों ने मिलकर खालिस्तान जिंदाबाद नाम का एक नया मॉड्यूल भी तैयार कर रखा है। ये सभी आतंकी हथियार खरीदने और आतंक फैलाने के लिए फंड इकट्ठा करने की कोशिश में भी लगे हुए थे। पंजाब के बठिंडा में 26 मई को 5 लोगों को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वे लूटपाट करते थे लेकिन जब इन लोगों से पूछताछ हुई तो पता लगा कि ये पांचों ही खालिस्तान समर्थक आतंकी हैं।

इसी साल मोहाली में जरनैल सिंह नामक आतंकी पकड़ा गया, जिसका काम वारदातों को अंजाम देने और हत्याएं करने के लिए हथियारों को इकट्ठा करना और पूरी रणनीति बनाना था। इसी प्रकार से दूसरे आतंकी रणदीप सिंह का मिशन सोशल मीडिया पर एक्टिव रहकर खालिस्तान समर्थक सोच रखने वाले युवाओं को अपने मॉड्यूल के साथ जोड़ना और विदेश में बैठे खालिस्तान समर्थक लोगों से फंडिंग की जिम्मेदारी संभालना था। तीसरे आतंकी हरविंदर सिंह का इस नए आतंकी मॉड्यूल को खड़ा करने में अहम रोल था।

‘सोशल मीडिया हमारे लिए निश्चित तौर पर चुनौती है लेकिन हमारी टीमों ने भी सोशल मीडिया पर एक्टिव होने का प्लान तैयार किया है। हम निजी कंपनी की सहायता ले रहे हैं और उसके जरिये हम हर पेज व बने ग्रुप पर निगाह रखेंगे, हमारी तैयारी चल रही है।’
- सुरेश अरोड़ा, डीजीपी, पंजाब
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