हरियाणा में अलर्ट और रोकथाम के उपायों के बावजूद डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
हरियाणा में अलर्ट और रोकथाम के उपायों के बावजूद डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
डेंगू का शिकार हुए मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 350 तक पहुंच गई है। जबकि प्रदेश में चिकनगुनिया के अब तक 16 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए सभी एहतियात बरते जा रहे हैं। मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश में डेंगू के सर्वाधिक मामले स्वास्थ्य मंत्री के जिले (अंबाला) में सामने आए हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक डेंगू से बचाव के लिए सभी अस्पतालों को निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके लिए अलग फीवर क्लीनिक भी बनाए गए हैं, जहां मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
अब तक डेंगू का प्रकोप अंबाला में सबसे ज्यादा
डेंगू के मरीज
- फोटो : अमर उजाला
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक शनिवार तक प्रदेश में डेंगू के 341 मामले, जबकि चिकनगुनिया के 16 मामले सामने आए हैं। डेंगू का प्रकोप अंबाला में सर्वाधिक हैं, जहां पीड़ितों की संख्या 127 दर्ज की गई है। पंचकूला में डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या अंबाला से कम है, इस प्रकार यह जिला इस मामले में प्रदेश में दूसरे नंबर पर है।
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. विजय गर्ग का कहना है कि डेंगू के लिए प्रदेश के सभी जिलों में एलीजा टेस्ट का प्रावधान है। अगर कोई मरीज निजी लैब से टेस्ट करवाता है, तो इसके लिए भी अधिकतम 600 रुपये चार्ज किए जा सकते हैं। डॉ. गर्ग के मुताबिक बचाव के लिए विभाग की ओर से एंटी लार्वा गतिविधियां लगातार चलाई जा रही हैं।
गंबूजिया के सहारे एडीज पर शिकंजा
डेंगू बीमारी के वाहक एडीज मच्छर का लार्वा न पनपे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के हजारों जोहड़ों में गंबूजिया मछलियों को छोड़ा गया है। अगर जोहड़ में लार्वा पनपने का खतरा होता है तो मछलियां उन्हें बढ़ने नहीं देती है। इससे ग्रामीण इलाकों में भी डेंगू के खतरे से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
आंकड़ों पर एक नजर
डेंगू के मरीज
- फोटो : डेमो फोटो
- हरियाणा में अब तक डेंगू के 341 सामने मामले आए
- अंबाला में सर्वाधिक 127, पंचकूला में 72, गुड़गांव 41, कैथल 22 केस
- चिकनगुनिया के प्रदेश में कुल 16 मामले सामने आए
- आठ मामले फरीदाबाद, जबकि चार पंचकूला के हैं
फीवर क्लीनिक में हो रही है मरीजों की देखभाल
प्रदेश भर के सभी अस्पताल में मरीजों की देखरेख और इलाज के लिए अलग फीवर क्लीनिक बनाए गए हैं। चूंकि दोनों मामलों में हाई फीवर के लक्षण होते हैं, इसलिए सबसे पहले वहां इलाज किया जाता है।
आठ जिलों में प्लेटलेट्स के पूरे इंतजाम
प्रदेश के आठ जिलों में प्लेटलेट्स के इंतजाम किए गए हैं। जबकि जरूरत के मुताबिक सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा अगर खून की जरूरत हो खासकर बीपीएल परिवारों के लिए सरकार की ओर से कई राहत दी गई है, ताकि इलाज में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।