भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी संजय पोपली के आवास से बरामद संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच के लिए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने टीम का गठन कर दिया है। इस बीच, बेटे की मौत से दुखी संजय पोपली से फिलहाल विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार के केस में आगे पूछताछ रोक दी है।
सूत्रों के अनुसार विजिलेंस ब्यूरो ने आईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में टीम का गठन किया है। यह टीम पोपली के पंजाब व चंडीगढ़ के अलावा हिमाचल, हरियाणा व दिल्ली में संपत्तियों की जांच करेगी। टीम ने पंजाब के विभिन्न जिलों के राजस्व अधिकारियों को पत्र लिखकर संजय पोपली से संबंधित संपत्तियों का विवरण देने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि पोपली के चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित आवास पर छापे के दौरान विजिलेंस को बेनामी प्रॉपर्टी के कई दस्तावेज बरामद हुए थे। इनके आधार पर विजिलेंस ने पंचकूला, मोहाली, रोपड़ और पटियाला में छापे मारे थे। इन सभी दस्तावेजों की जांच करने और उनके आधार पर पोपली की संपत्तियों का पता लगाने के लिए टीम का गठन किया गया है। इसके लिए जिला राजस्व अधिकारियों से कहा गया है कि बीते 20 साल के दौरान उनके जिलों में दर्ज संपत्तियों के रिकॉर्ड में देखा जाए कि संजय पोपली व उनके परिवार के नाम कोई संपत्ति रजिस्टर हुई है?
गौरतलब है कि बीते सप्ताह जब विजिलेंस की टीम पोपली को साथ लेकर उनके सेक्टर-11 आवास पर बरामदगी के लिए पहुंची तो उसी दौरान पोपली के बेटे की गोली लगने से मौत हो गई। विजिलेंस और चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि पोपली के बेटे ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की, जबकि संजय पोपली की पत्नी का आरोप है कि विजिलेंस के अधिकारियों ने उनके बेटे को गोली मार दी। इस पर संजय पोपली का भी दावा है कि वह चश्मदीद गवाह हैं और उनके सामने उनके बेटे को गोली मारी गई।