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तस्वीरें: टीचर और पुलिस में धक्का-मुक्की, बैरिकेड तोड़े, प्रशासन में हड़कंप मचा

Mon, 19 Nov 2018 09:12 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बठिंडा (पंजाब)
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सड़क पर अध्यापक
पंजाब के दस जिलों के हजारों अध्यापक सड़क पर उतरे। बठिंडा में वेतन में कटौती किए जाने के विरोध में रविवार को दस जिलों से संबंधित हजारों अध्यापकों ने सांझा अध्यापक मोर्चा के बैनर तले साथी जत्थेबंदियों के साथ मिलकर बठिंडा मानसा डबवाली नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।
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पुलिस के साथ धक्का-मुक्की
जब अध्यापक अपनी साथी जत्थेबंदियों के साथ मिलकर मिनी सचिवालय से नेशनल हाईवे की तरफ बढ़ रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन अध्यापकों ने पुलिस के साथ धक्का मुक्की कर बैरिकेड तोड़ दिए और नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। इसी दौरान एक पुलिस कर्मी को अध्यापकों के गुस्से का शिकार होना पड़ा, लेकिन समय रहते वहां पर तैनात अन्य पुलिस अफसरों ने पुलिस कर्मी को बचा लिया।
 
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पुलिस और अध्यापकों में नोंकझोंक
रविवार सुबह बठिंडा मानसा नेशनल हाईवे पर किसान एवं मजदूर जत्थेबंदियों की ओर से अध्यापकों के हक में धरने लगाने की तैयारी शुरू की गई। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने पूरे जिले की पुलिस फोर्स को धरना स्थल पर तैनात कर दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि अध्यापक, किसान, मजदूर, छात्र यूनियन वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के कार्यालय और कोठी का घेराव कर सकते हैं।

 

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सड़क पर अध्यापक
इसके बाद बादल के कार्यालय और कोठी के आगे भारी पुलिस बल तैनात कर कंटीले तार लगा दिए गए। धरना दे रहे अध्यापक, किसान, मजदूर, छात्र संगठन पुलिस को चकमा देकर बठिंडा मानसा डबवाली नेशनल हाईवे की तरफ बढ़ गए जिसके बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। 

पुलिस ने बैरिकेड लगाकर धरनाकारियों को रोकने की कोशिश की लेकिन अध्यापक बैरिकेड तोड़कर नेशनल हाईवे पर पहुंच गए। देर शाम खबर लिखे जाने तक अध्यापकों, किसानों, मजदूरों और छात्र संगठनों का धरना जारी था।
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सड़क पर अध्यापक
सांझा अध्यापक मोर्चा के नेता रेशम सिंह और जगसीर सिंह ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करती तब तक उनका धरना जारी रहेगा। अगर पुलिस प्रशासन या सरकार ने उनके धरने को जबरदस्ती उठवाने का प्रयास किया तो वह ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। वहीं रविवार को संघर्ष कर रहे अध्यापकों के साथ उनके बच्चे भी धरने में शामिल हुए। 
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