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सड़कों पर उतरे अध्यापक, रोष मार्च निकाला, सीएम के बयान को बताया गुमराहपूर्ण

Mon, 15 Oct 2018 08:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
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धरना देते अध्यापक
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पटियाला में एसएसए/रमसा, माडल व आदर्श स्कूलों के अध्यापकों की तनख्वाहों में कटौती करके रेगुलर करने के पंजाब सरकार के फैसले के खिलाफ साझा अध्यापक मोर्चा का आंदोलन और मरणव्रत सोमवार को नौवें दिन भी जारी रहा। गुरुद्वारा दुखनिवारण साहिब के नजदीक दिए धरने में सोमवार को पंजाब भर से अध्यापक शामिल हुए। 

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बड़ी संख्या में पहुंचे इन अध्यापकों ने बाद में दुख निवारण चौक से शुरू करके बस स्टैंड से होते हुए कैपिटल सिनेमा चौक तक रोष मार्च भी निकाला। इस मौके पर आंदोलनकारी अध्यापकों ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से तनख्वाहों में 75 प्रतिशत तक की कटौती करने के बाद भी ज्यादा तनख्वाह देने के दिए बयान को गुमराहपूर्ण करार दिया। 

वहीं मरणव्रत पर बैठी दो महिला अध्यापकों की तबीयत बिगड़ गई है। इसके अलावा 21 अक्तूबर को विभिन्न जत्थेबंदियों के सहयोग से पटियाला में रोष रैली और प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया। सांझा अध्यापक मोर्चा की अगुवाई में पंजाब भर के अध्यापकों ने काले बिल्ले लगाकर पढ़ाने के बाद रोष प्रदर्शन किए।
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इस मौके पर प्रदेश कनवीनर सुखविंदर चाहल, प्रदेश को कनवीनर हरदीप सिंह टोडरपुर, दीदार सिंह मुदकी, गगन राणू ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से एसएसए/रमसा अध्यापकों को पूरे ग्रेड में पक्का करने के बजाय उनकी तनख्वाहों में 65 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक कटौती कर दी गई है। यह गलत फैसला है। 

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