जालंधर में 27 महीने से वेतन न मिलने के खिलाफ एनसीएलपी टीचर स्टाफ यूनियन व छात्रों ने डीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया। टीचरों ने कहा कि हमारा भी घर परिवार है, बच्चे हैं, कसूर क्या है जो वेतन नहीं मिल रहा। हमसे काम बराबर लिया गया, जब बात सैलरी की आई तो जवाब दे रहे हैं, अगर ये जवाब पहले दिया होता तो हम कहीं और काम कर लेते।
टीचरों ने कहा कि सरकार उन्हें सड़कों पर ले आई है, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। अगर स्कूल बंद हुए तो गरीब के बच्चे कहां पढ़ने जाएंगे। एनसीएलपी स्कूलों में जालंधर में करीब 1350 बच्चे पढ़ रहे हैं। टीचरों ने कहा कि जब इन बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजते हैं तो वहां ये कहकर भेज दिया जाता है कि इनकी उम्र कक्षाओं के साथ मैच नहीं खाती, क्योंकि चौथी कक्षा का छात्र 14 साल का है।
टीचरों पर बुजुर्ग ने चढ़ाई एक्टिवा
धरना प्रदर्शन के दौरान टीचरों ने दोनों सड़कों की आवाजाही रोक रखी थी। इसी दौरान गलत दिशा से आ रहे एक्टिवा सवार बुजुर्ग ने निकलने के लिए टीचरों से बहस करते हुए एक्टिवा की स्पीड बढ़ा दी, जिससे वह टीचरों पर चढ़ गई। एक टीचर का सूट फट गया और दो को चोटें आईं। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने व्यक्ति को रोकने की कोशिश की। इस दौरान बुजुर्ग व टीचरों में बहस हो गई लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बुजुर्ग देखकर हाथ नहीं उठाया। बुजुर्ग ने कहा कि उससे गलती से एक्टिवा की स्पीड बढ़ गई लेकिन टीचरों ने उसकी चाबी देने से इनकार कर दिया। टीचरों की शिकायत पर पुलिस बुजुर्ग को पकड़कर थाने ले गई।