नियुक्ति की मांग को लेकर टावर पर चढ़े ईटीटी शिक्षकों ने मेडिकल करवाने से साफ इनकार कर दिया है। शिक्षकों ने कहा कि हम स्वस्थ हैं, हमें दवा या इलाज नहीं नौकरी चाहिए। यह जानकारी एमिकस क्यूरी तनु बेदी ने कोर्ट की ओर से लिए गए स्वयं संज्ञान मामले में सुनवाई के दौरान दी।
इस दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिए कि अगली सुनवाई से पहले 4500 और 2005 दोनों नियुक्तियों में रिक्त पदों के लिए प्रतीक्षा सूची को मेरिट के आधार पर तैयार करें। साथ ही डीपीआई को आदेश दिए कि वे जाकर शिक्षकों से मिलें और उन्हें नीचे आने के लिए मनाएं।
मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट में पंजाब सरकार ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि ईटीटी के शिक्षकों के 852 पद रिक्त हैं। इन पदों में से 128 को खेल कोटे से भरा जा चुका है और 300
से अधिक पद विभिन्न याचिकाओं के कारण आरक्षित किए गए हैं क्योंकि कोर्ट ने इन्हें भरने पर रोक लगाई है।
इसके साथ ही 449 ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनका दोनों भर्तियों की चयन सूची में नाम है। इस पर कोर्ट की ओर से नियुक्त एमिकस क्यूरी तनु बेदी ने पंजाब सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो कार्य कुछ ही घंटों में किया जा सकता है, उसके लिए पंजाब सरकार लंबा समय लगा रही है। इस दौरान पंजाब सरकार ने कहा कि जिन आरक्षित पदों को अनारक्षित में बदलना है, उस प्रक्रिया में समय लगेगा।
चयनित उम्मीदवारों की सूची वेबसाइट पर डाले सरकार
हाईकोर्ट में पंजाब सरकार ने बताया कि प्रतीक्षा सूची को लगभग तैयार किया जा चुका है और इसे जल्द ही मुहैया करवा दिया जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने 449 उम्मीदवारों के नाम की सूची पर जवाब मांगा। हाईकोर्ट में यह सूची मुहैया करवा दी गई। हाईकोर्ट ने कहा कि इस सूची को बुधवार तक सरकार अपनी वेबसाइट पर डाले।