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चार घंटे की ड्यूटी पर मिले चाय-नाश्ता, आठ घंटे होने पर खाने की व्यवस्था

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चंडीगढ़। सेक्टर-26 पुलिस लाइन में शुक्रवार शाम ‘संपर्क सभा’ समारोह आयोजित हुई। समारोह का मकसद था कि डीजीपी प्रवीर रंजन पुलिसकर्मियों के साथ रूबरू हो सके। इस मौके पर पुलिसकर्मियों ने अपने पीड़ा बताई। फरियाद में कहा कि उन्हें चार घंटे की ड्यूटी पर चाय-नाश्ता व आठ घंटे में खाने की व्यवस्था होनी चाहिए। समारोह में एसएसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर समेत 375 पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। पुलिसकर्मियों ने कई मुद्दों पर डीजीपी के सामने अपनी बात रखी।
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समारोह में डीजीपी ने कहा कि थानों में आने वाले फरियादियों से बातचीत करते समय पुलिसकर्मियों को अपना लहजा सुधारना होगा। अक्सर देखा गया है कि पुलिसवालों के बोलने का तरीका अव्यवहारिक होता है। ऐसे में लोगों के मन में हमारे लिए विश्वास कैसे पैदा होगा? इसलिए अपने लहजे को बदलने की जरूरत है। डीजीपी ने कहा कि शहर के थानों का साफ करने की जरूरत है। हरेक थाने में हजारों गाड़ियां कंडम पड़ी हैं। ऐसे में इन गाड़ियों को सारंगपुर स्थित इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) में शिफ्ट करना जरूरी है, ताकि थानों में साफ सफाई का ख्याल रखा जा सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई भ्रष्टाचार में पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस अवसर पर डीएसपी रामगोपाल ने डीजीपी को 803 पुलिसकर्मियों को पदोन्नत करने के लिए शुक्रिया कहा और पुलिसकर्मियों के कई मुद्दों को उठाया।
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पुलिसकर्मियों ने उठाई ये मांग
लंबित पड़ी 1355 पदों पर भर्ती किया जाए।
सेवानिवृत्ति के अगले दिन कर्मचारियों को सभी लाभ दिए जाएं।
कर्मचारियों से जुडे़ जो भी मामले गृह विभाग को भेजे जाते हैं, उसमें पुलिस विभाग के अधिकारियों के टिप्पणी शामिल हो।
खाली होने वाले मकान को मेरिट के आधार पर सात दिन में भरा जाए।
मेडिकल सुविधा की सूची में शहर के बड़े निजी अस्पतालों को शामिल किया जाए।
ड्यूटी पर होने वाले कर्मचारियों के लिए बाथरूम, टेंट, कुर्सियां, दरी, नाश्ता, चाय फल खाने आदी की व्यवस्था होनी चाहिए।
सेवा से जुड़े मामलों को सात से तीस दिन के भीतर सुलझाया जाए।
आठ घंटे की ड्यूटी के बाद विश्राम मिले।
स्पोर्ट्स में मेडल जीतने वालों को मिले पदोन्नति प्राथमिकता।
पुलिस सुधार आयोग के मुद्दे को जल्द से जल्द लागू किया जाए।
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