अनूप सिंह और उसके भाई करनदीप सिंह के अलावा अन्य पारिवारिक सदस्यों और उसके कारखाने के कर्मचारियों के अलग-अलग बयान के अलावा अनूप सिंह और लाश के कंकाल की विशेषताओं में अंतर ने पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग दिए। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि अनूप सिंह पर कई कर्ज थे और उसने कई बीमा पॉलिसियां ले रखी थीं, जो उसे अपने फर्जी मौत का ड्रामा रचकर आर्थिक रूप से लाभ पहुंचा सकती थीं।
उसने लगभग 75 लाख रुपये के कर्ज का बीमा करवाया था, जो उसकी मौत के बाद माफ हो सकते थे। यदि उसकी मौत साबित हो जाती तो उसे कर्ज माफी और प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ से लेकर बीमा पॉलिसियों से कुल 1 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ हो सकता था।
यह था घटनाक्रम
थाना हरिके के एसएचओ को 5 दिसंबर की सुबह सूचना मिली कि हरिके-पट्टी रोड के किनारे एक जली हुई लाश पड़ी है। लाश के पास ही पीबी 02 सीवी 9351 नंबर की एक शैवरले कार भी खड़ी है। जांच में सामने आया कि पीड़ित के शरीर को केरोसिन डालकर जलाया गया है। वहां से आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और कुछ फोटो बरामद हुए।
इनके आधार पर मृतक की पहचान अनूप सिंह पुत्र तरलोक सिंह, निवासी 75- वाहेगुरु सिटी, चभाल रोड, अमृतसर के तौर पर की गई। पुलिस ने अनूप सिंह के पिता तरलोक सिंह को जानकारी दी। तरलोक सिंह ने शव की पहचान अपने पुत्र अनूप सिंह के तौर पर की।