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स्वास्थ्य सेवाओं का हब होगा अंबाला, घसीटपुर में मेडिकल तो नग्गल में बनेगा आयुष मेडिकल कॉलेज

Sun, 08 Dec 2019 02:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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स्वास्थ्य सेवाओं में आगामी कुछ वर्षों में अंबाला छावनी हब बन जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने यहां मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ आयुष मेडिकल कॉलेज की जमीन तय कर ली है। घसीटपुर की 36 एकड़ जमीन जहां मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित कर ली है वहीं आयुष मेडिकल कॉलेज के लिए 7 एकड़ जमीन वार्ड नंबर 15 के नग्गल गांव में मिल गई है।

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परिषद की बिल्डिंग ब्रांच की ओर से शनिवार सुबह साढ़े 11 बजे से दोपहर दो बजे तक जमीन का डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (डीजीपीएस) के जरिए सर्वे पूरा हो गया है। सर्वे के दौरान जमीन तो पूरी पाई गई है। यहां कॉलेज के लिए जमीन फाइनल करने का निर्णय स्वास्थ्य मंत्री को लेना है जिनके सामने जमीन की सर्वे रिपोर्ट और स्थिति से अवगत कराया जाएगा।

परिषद की बिल्डिंग ब्रांच ने जहां दौरा किया है। वह जमीन नगर परिषद में शामिल होने से पहले गांव नग्गल और खोजकीपुर की पंचायती जमीन थी। अब यह जमीन परिषद की है। यहां साल 2011 में नगर निगम की ओर से लाखों रुपये खर्च कर एक कॉम्युनिटी सेंटर बनाया था।
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इसके अलावा कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड कार्यालय के साथ-साथ हुआ है। इस कार्यालय में बीते वर्ष करीब चार से पांच दुकानों का निर्माण कार्य कर दिया गया था। लेकिन शिकायत के चलते इसका निर्माण कार्य रोक दिया गया था।

घसीटपुर में मिल चुकी है मेडिकल कॉलेज की जमीन

स्वास्थ्य विभाग अंबाला के अधिकारियों का कहना है घसीटपुर में 36 एकड़ जमीन तो मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित कर ली गई है। मेडिकल कॉलेज से जुड़ी कुछ चीजें हैं जिनको पूरा किया जा रहा है। जैसे ही औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। यहां पर मेडिकल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

यहां पर करीब आठ एकड़ जमीन
डीजीपीएस के जरिए किए गए सर्वे के मुताबिक मौके पर करीब आठ एकड़ जमीन मिली है। लेकिन परिषद यहां पर जमीन की क्लीयरेंस देने के लिए अपना कॉम्युनिटी सेंटर और दूसरा दो साल पहले बनाए गए श्मशान घाट को दूसरी जगह पर शिफ्ट करना पड़ेगा। यह छावनी से सटी है और यहां से नागरिक अस्पताल 4.8 किलोमीटर की दूरी पर है। इसीलिए नागरिक अस्पताल से मरीज को शिफ्ट करना आसान होगा। इसके अलावा दोनों के बीच में दूरी भी अधिक नहीं होगी।

चारमार्गीय से आसान हो जाएगा रास्ता
जगाधरी नेशनल हाईवे को नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से चार मार्गीय बनाया जा रहा है। इसीलिए इस रोड पर जाम की स्थिति नहीं रहेगी। लेकिन जिस तरह से जगाधरी रोड पर ट्रैफिक बढ़ रहा है उससे डीएवी रिवर साइड स्कूल के सामने ओवरब्रिज की जरूरत पड़ सकती है। इससे यहां पर जाम की स्थिति से निजात मिलेगी। क्योंकि नेशनल हाईवे पर स्कूल का मुख्य गेट है और छुट्टी होते ही जाम की स्थिति बनी रहती है।
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हजारों की आबादी को मिलेगा फायदा

यदि आयुष मेडिकल कॉलेज यहां बनता है तो पूजा विहार, प्रभु प्रेम पुरम, प्रोफेसर कॉलोनी, खोजकीपुर, सलारहेड़ी, करधान, नग्गल, ब्राह्मण माजरा क्षेत्र में रहने वाली हजारों की आबादी को बहुत फायदा होगा। इसके अलावा इस क्षेत्र का विकास भी रफ्तार पकड़ेगा। यहां पर अमरुत के तहत सीवरेज प्रोजेक्ट भी महत्वपूर्ण रहेगा। यह काम भी आगामी एक साल तक पूरा हो जाएगा।

ऐसे बनेगा हब
जिले की बात करें तो यहां पर मुलाना मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ आदेश मेडिकल कॉलेज मोहड़ी में चल रहा है। मोहड़ी अंबाला और शाहबाद की सीमा पर है। इन दोनों मेडिकल के साथ-साथ यहां पर कैंसर एवं टर्सरी केयर सेंटर एवं अस्पताल का निर्माण होगा। गांव मंगलई में होम्योपैथिक कॉलेज प्रस्तावित है और जमीन फाइनल भी कर ली गई।

अब होम्योपैथिक कॉलेज का ही दूसरा पार्ट यानि आयुष मेडिकल कॉलेज भी तैयार हो रहा है जबकि कुरुक्षेत्र में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की घोषणा पहले ही हो चुकी है। इसीलिए अंबाला स्वास्थ्य सेवाओं में आगामी कुछ सालों में दूसरे जिलों से काफी आगे होगा।

घसीटपुर में मेडिकल कॉलेज की जमीन तय पहले ही हो चुकी है और जो औपचारिकताएं हैं वह पूरी की जा रही हैं। उम्मीद है कि अंबाला स्वास्थ्य के क्षेत्र में दूसरे जिलों से आगे होगा। मेडिकल कॉलेज बनने से यहां की जनता की हर तरह की समस्या दूर हो जाएगी। मंगलई में होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज का एक पार्ट आयुष है, हो सकता है कि आयुष मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी मिल सकती है। डा. सतीश, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, अंबाला छावनी।

आज सर्वे किया गया है

नग्गल गांव में आयुष मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए जमीन का सर्वे किया गया है जिसकी रिपोर्ट बनाकर संबंधित विभाग को भेज दी जाएगी। हमें जमीन की रिपोर्ट देनी है और कॉलेज बनाने के लिए जमीन पर्याप्त है। -तजेंद्र सिंह, जेई, बिल्डिंग ब्रांच, नगर परिषद अंबाला छावनी।
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