सरकार स्कीम को रद्द करने की बजाय तब्दीली करने पर जोर दे रही है। 273 निजी बसों को परमिट स्वीकार नहीं करेंगे। कमेटी स्कीम का विरोध करती है। निजी बस में दो लोगों को अस्थायी रोजगार मिलता है, जबकि सरकारी बसों में एक बस पर छह को स्थायी रोजगार मिलता है। बैठक में निदेशक परिवहन डॉ. वीरेंद्र दहिया और परिवहन आयुक्त एसएस फुलिया इत्यादि मौजूद रहे।
इन मुद्दों पर चर्चा के बाद बनी सहमति
- प्राइवेट समिति की बसों के टाइम टेबल एडजस्ट करते समय आरटीए कार्यालयों के रोडवेज के पक्ष को अनसुना करने पर कमेटी ने मंत्री के सामने सख्त एतराज जताया।
- हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा के तहत दर्ज केस स्थगित करने को लेकर प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी सूची तैयार कर दोबारा गृह विभाग को भेजेंगे।
- रोडवेज चालक, परिचालक को 50 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी का लाभ देने की मांग पर मंत्री का सकारात्मक रुख रहा।
- किराए को राउंड फिगर में करने पर सहमति जताई गई।
- वर्कशॉप कर्मचारियों की रद्द की गई छुट्टियां जल्द ही बहाल कर दी जाएंगी, 2008 में भर्ती और स्पेशल वेतन वृद्धि से वंचित रहे चालक, परिचालकों को इसका लाभ मिलेगा।
- एक्सग्रेशिया के तहत पात्र आश्रितों को नौकरी के लिए जल्दी कार्रवाई की जाएगी।
- 2016 में भर्ती हुए चालक सर्विस में बने रहेंगे और कंप्यूटर ऑपरेटर को एक्सटेंशन मिलेगी।
- परिचालकों के लिए ई-टिकटिंग मशीन के टेंडर आगामी 25 दिन में किए जाएंगे।
- रोडवेज कर्मचारियों की सभी कैटेगरी की पदोन्नति आगामी 15 दिन में होगी।
परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि कोरोना न आता तो 867 बसें हरियाणा रोडवेज के बेड़े में शामिल हो चुकी होती। कर्मचारियों ने मुश्किल की इस घड़ी में जिस निष्ठा के साथ अपना फर्ज निभाया है, उसके लिए वे सभी बधाई के पात्र हैं। विभाग में अगर किसी की पदोन्नति होनी है तो इसमें किसी भी तरह का विलंब उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि विभाग में यार्ड मास्टर के 82 पद स्वीकृत करवाए गए हैं, जिन पर परिचालकों की पदोन्नति हो सकेगी। कर्मचारियों के लंबित भुगतान के संबंध में महाप्रबंधक कर्मचारियों की बकाया राशि की सूची मुख्यालय भिजवाएं। बसों में चालक-परिचालक के लिए अलग से केबिन बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग का कार्य मुनाफा कमाना नहीं बल्कि लोगों की सेवा करना है।
रोडवेज के बगैर सार्वजनिक परिवहन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए निजी रूट परमिट देते समय विभाग के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। जल्द ही आरटीए सचिवों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें बसों का टाइम-टेबल बनाने, रूट निर्धारित करने और सरकार के आदेशों की अनुपालन सुनिश्चित करवाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। डिपो महाप्रबंधकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक करेंगे।