चंडीगढ़ स्थित जीएमसीएच- 32 में रेडिएशन मशीन 15 दिनों से खराब है। इस वजह से कैंसर के दर्जनों मरीजों की जान पर बन आई है, क्योंकि रेडिएशन थेरेपी के जरिये उनका इलाज चल रहा है। मरीज और उनके परिजन रोज रेडिएशन यूनिट का चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं बताया जा रहा कि कब तक मशीन बन पाएगी।
रेडिएशन यूनिट के बाहर मशीन खराब होने की सूचना एक फोन नंबर के साथ चिपका दी गई है। इस पर लिखा हुआ है आने से पहले इस नंबर पर कॉल करें, लेकिन उस नंबर पर कॉल करने से किसी मरीज को सही जानकारी नहीं मिल रही है। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कोरोना के कारण लॉक डाउन से सारी व्यवस्था जहां की तहां महीनों से रुकी पड़ी है। ऐसी स्थिति में खराब मशीन की मरम्मत के लिए कंपनी को कॉल कर दिया गया है जल्द से जल्द पहले की तरह सुविधा बहाल हो जाएगी।
केस-1: पंजाब के गुरमीत सिंह (बदला हुआ नाम) कैंसर से जूझ रहे हैं। जीएमसीएच- 32 में उनका रेडिएशन थेरेपी से इलाज में चल रहा था। लेकिन कोरोना के कारण उनका इलाज बीच में ही रुक गया है, क्योंकि अस्पताल की रेडिएशन मशीन 15 दिनों से खराब है। स्थिति यह है कि मरीज और उनके परिजन प्रतिदिन यूनिट का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई यह बताने वाला नहीं है कि मशीन कब तक बनेगी और गुरमीत को इलाज कब मिलना शुरू होगा। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में दर्द को सहना गुरमीत के लिए काफी कठिन साबित हो रहा है। उनका कहना है कि कोरोना से तो बच गए, लेकिन कैंसर का इलाज नहीं मिला तो मर जाऊंगा।
केस 2: सेक्टर 40 निवासी वर्धन सिंह (बदला हुआ नाम) कैंसर ग्रस्त हैं। उनका जीएमसीएच 32 में पिछले 9 महीने से इलाज चल रहा है। उन्हें हफ्ते में एक बार रेडिएशन थेरेपी देनी पड़ती है। लेकिन पिछले 15 दिनों से उन्हें यह थेरेपी एक बार भी नहीं मिल पाई है। वर्धन का कहना है की एक एक दिन इंतजार में गुजार रहे हैं कि शायद कल मशीन बन जाए और मुझे इलाज मिल जाए। लेकिन देखते देखते 15 दिन निकल गए हैं कहीं से कोई सूचना नहीं मिल रही है कि मशीन कब तक बनेगी।