तजिंदर पाल सिंह तूर ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया। तजिंदर पाल सिंह तूर पंजाब के मोगा जिले गांव खोसा पांडो के रहने वाले हैं।
उन्होंने 20.36 मीटर थ्रो करके भारत को स्वर्ण पदक जीता है। तजिंदर पाल सिंह तूर एक भारतीय शॉट पुटर है। वह इससे पहले भी कही स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। तजिंदर पाल सिंह तूर भारत के अब तक के सर्वश्रेष्ठ शॉट पुटर में से एक माने जाते हैं।
13 नवंबर 1994 को जन्मे तजिंदर पाल सिंह मोगा के गांव खोसा पांडो में ही पले-बढ़े। उनकी माता प्रीत पाल तूर और पिता कर्म सिंह तूर किसान थे। उनके लिए तजिंदर पाल सिंह तूर की सभी जरूरतों को पूरा करना बहुत मुश्किल था। बचपन में क्रिकेटर बनना चाहते थे। पिता करम सिंह और चाचा गुरनाम सिंह चाहते थे कि उनका बेटा शॉट पुट में जाएं और देश के लिए कुछ करे। चाचा गुरनाम सिंह शॉट पुट चैंपियन रह चुके हैं।
2017 से शुरू हुआ पदक जीतने का सिलसिला
तजिंदर पाल सिंह तूर ने जून 2017 में पटियाला में फेड कप नेशनल सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लिया। यहां उन्होंने 20.40 मीटर थ्रो करके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड किया। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और अब तक कई पदक भारत को दिला चुके हैं। उसी साल के जुलाई महीने में भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम में एथलेटिक्स में 2017 एशियाई चैंपियनशिप में 19.77 मीटर के थ्रो के साथ अपना पहला रजत पदक जीता।
अक्तूबर 2018 में क्वींसलैंड के कैरारा स्टेडियम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में तजिंदर 19.42 मीटर के थ्रो के साथ पुरुषों के शॉट पुट फाइनल में 8वें स्थान पर रहे। इससे पहले वह क्वालिफाइंग चरण के दौरान 10वें स्थान पर रहे। न्यूजीलैंड के टॉमस वॉल्श में 21.41 मीटर के थ्रो के साथ इवेंट के शीर्ष स्कोरर थे। इससे पहले 25 अगस्त 2018 को उन्होंने जकार्ता में आयोजित 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े।