केंद्र सरकार की तरफ से डेढ़ लाख डिस्पोजल सीरिंज चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल स्पेशयलिटी हॉस्पिटल-16 पहुंच गईं। इनका इस्तेमाल कोरोना के टीकाकरण में किया जाएगा। सीरिंज की इस खेप को अस्पताल के मेन स्टोर में रखवा दिया गया है।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कौर कंग का कहना है कि अचानक से इतनी बड़ी संख्या में सीरिंज के आने से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी के प्रथम सप्ताह से टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। फिलहाल वैक्सीन के आने की कोई निश्चित तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है।
डॉ. कंग ने बताया कि मौजूदा समय में भारत और ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को ही टीकाकरण अभियान के लिए चयनित किया गया है। इन दोनों में से एक वैक्सीन ही सप्लाई में मिलेगी। इन दोनों वैक्सीन के दो डोज लगेंगे। पहला डोज लगने के 2 या 4 सप्ताह के अंदर बूस्टर डोज लगाया जाएगा।
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10 प्रतिशत आबादी के लिए आईं सीरिंज
डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि डेढ़ लाख सीरिंज की आपूर्ति से यह तो तय हो चुका है कि शहर की 10 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण पहले फेज में किया जाएगा लेकिन लोगों को जब तक उनके टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नहीं दी जाती तब तक उन्हें धैर्य रखना होगा।
डॉ. कंग का कहना है कि कोविड टू संक्रमण फैलने की सूचना से यह बात साफ हो गई है कि अब हमें और ज्यादा सजग रहना होगा। उन्होंने लोगों से हर हाल में मास्क का प्रयोग करके ही घर से बाहर निकलने की अपील की।
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लाभार्थियों की संख्या कम होने पर अन्य को मिलेगा मौका
डॉ. कंग ने बताया कि पहले फेज में फ्रंट लाइन हेल्थ केयर वर्कर को ही वैक्सीन लगाई जाएगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अलावा पुलिस, नगर निगम और पैरामिलिट्री को शामिल किया गया है। जहां तक कोमॉर्बिड और 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के टीकाकरण की बात है तो इसका निर्णय प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही लिया जाएगा। अगर पहले फेज में चयनित लाभार्थियों ने शत-प्रतिशत टीकाकरण नहीं कराया तो अगले फेज के टारगेट ग्रुप को उसमें शामिल किया जाएगा लेकिन फिलहाल ऐसी कोई तैयारी नहीं है।