किसान आंदोलन में शामिल महिलाएं।
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कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में किसान परिवारों की महिलाओं को ज्यादा सक्रिय बनाने का बीड़ा अब सर्व खाप महिला महापंचायत ने उठाया है। यह हरियाणा की विभिन्न खाप की जागरूक महिलाओं का एक संयुक्त संगठन हैं।
किसान आंदोलन में खुलकर उतरने वाली महिलाओं के इस संगठन ने अब प्रदेश के गांवों में जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत किसान परिवारों की महिलाओं को जागरूक कर आंदोलन में ज्यादा सक्रिय होने के लिए तैयार किया जा रहा है। साथ ही गांवों में ये महिलाएं किसान आंदोलन के लिए जनमत भी तैयार कर रही हैं। ग्रामीण युवतियों को भी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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ट्रैक्टर पर सवार हो निकल रहीं महिलाएं
हरियाणा से सटी दिल्ली के विभिन्न सीमाओं पर बैठे किसानों की मदद के लिए महिला खाप महापंचायत विभिन्न गांवों की महिलाओं की ड्यूटियां लगा रही है। जिसके बाद महिलाओं की टोलियां ट्रैक्टर पर सवार होकर निकल रही हैं। किसान परिवारों की ये महिलाएं दिल्ली सीमाओं पर पहुंचकर वहां किसानों के लिए खाना तैयार करती हैं और धरने पर भी बैठती हैं।
यह टोलियां अपने साथ ट्रैक्टर-ट्रालियों में सब्जियां व अन्य रसद का सामान भी मदद स्वरूप लेकर वहां पहुंच रही हैं। महिलाओं की पहले गईं टोलियां वापस आने के बाद दूसरी टोलियां दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचकर उनका मोर्चा संभालती हैं। इन महिलाओं का कहना है कि जब तक यह आंदोलन चलेगा, किसान परिवारों की महिलाओं की यह मदद भी जारी रहेगी।
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बाबा रामदेव से मध्यस्थता करने की मांग
सर्व खाप महिला महापंचायत ने बाबा रामदेव से भी मध्यस्थता कर उनसे इस आंदोलन को खत्म करवाने के लिए अपनी भूमिका निभाने की मांग की है। बाबा रामदेव गुरुवार को हरियाणा आए हुए थे। इसके चलते कुरुक्षेत्र में सर्व खाप महिला महापंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया के नेतृत्व में उनसे मिला। प्रतिनिधिमंडल में शामिल महिलाओं ने बाबा रामदेव से मांग की गई कि वे इस आंदोलन में किसानों और सरकार के बीच मध्यस्थता करें और गतिरोध को खत्म करवाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं।
सरकार यदि मानती है कि गतिरोध बातचीत से ही खत्म हो सकता है, तो किसानों और सरकार के बीच सकारात्मक बातचीत का ऐसा एजेंडा लाया जाए, इस पर दोनों पक्षों की सहमति बने। देश के लिए यह बड़ी विडंबना है कि लोगों का पेट भरने वाला किसान 27 नवंबर से ठंड के बावजूद सड़कों पर डटा हुआ है। कई किसानों की इस दौरान जान तक जा चुकी हैं। इसी के मद्देनजर हमारा संगठन गांवों में जाकर किसान परिवारों की महिलाओं को भी इस आंदोलन के लिए एकजुट कर रहा है। महिलाएं भी आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं। मदद स्वरूप महिलाओं की टोलियों को बारी-बारी कर रसद सामग्री के साथ दिल्ली सीमाओं पर भेजा जा रहा है। अब बाबा रामदेव से भी आंदोलन को खत्म करवाने के लिए मध्यस्थता करने की मांग की जा रही है। - डा. संतोष दहिया, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सर्व खाप महिला महापंचायत।