पीजीआई में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए रेड क्रॉस स्थायी सरांय बनाएगा। इसके लिए प्रशासन एक प्राइवेट सॉफ्टवेयर कंपनी से वित्तीय सहयोग लेगा। प्रशासन के प्रस्ताव पर कंपनी भी सहयोग देने को राजी हो गई है।
सराय की ड्राइंग इत्यादि फाइनल करने का काम चल रहा है। इसके फाइनल होते ही काम शुरू हो जाएगा। इसके निर्माण में करीब 15 करोड़ के खर्च आने का अनुमान है। जिसका अधिकतर हिस्सा सॉफ्टवेयर कंपनी वहन करेगी। इस विशाल सराय में सैकड़ों लोगों के रुकने की व्यवस्था होगी।
यह सरांय ट्रामा सेंटर के बाहर गेट नंबर-1 के आसपास बनेगी। पीजीआई में रोजाना की ओपीडी 8 हजार के करीब होती है। इमरजेंसी मरीजों से अटी रहती है। स्ट्रेचर पर ही मरीजों का इलाज होता है। थोड़े कम सीरियस मरीजों को तो दाखिल ही नहीं किया जाता है।
जिस कारण उन्हें नियमित अंतराल के बाद दिखाने आना पड़ता है। मरीजों की संख्या इतनी रहती है कि पीजीआई में बनी सरांय पहले ही फुल रहती हैं। मरीजों और उनके तीमारदारों को बाहर खुले में ही समय बिताना पड़ता है।
हालांकि सर्दियों में इनके लिए प्रशासन रैन बसेरा बनाता है। लेकिन यह भी कुछ समय के लिए ही होते हैं। सर्दियां कम होते ही इन्हें हटा दिया जाता है। लेकिन अब प्रशासन स्थायी सरांय बनाने जा रहा है। जिसमें रहने से लेकर नहाने-धोने तक की उचित व्यवस्था हो।