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'रहस्यमयी' बुखार से हुसैनी गांव में हड़कंप, दो महिलाओं की मौत, 30 पीजीआई चंडीगढ़ रेफर

Fri, 18 Oct 2019 12:44 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नारायणगढ़ (हरियाणा)
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अस्पताल में उपचाराधीन किरण देवी और नैंसी - फोटो : अमर उजाला
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गांव हुसैनी में करीब 50 लोग संदिग्ध बुखार की चपेट में हैं इनमें से करीब 30 से अधिक लोग पीजीआई चंडीगढ़ और सरकारी मेडिकल अस्पताल चंडीगढ़ सेक्टर 32 (पीजीआई) व पंचकूला सेक्टर 6 व निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं जबकि 2 महिलाओं की मौत हो गई है। जिनमें डेंगू और वायरल के मरीज बताए जा रहे। जिन दो महिलाओं की मौत हुई उनमें 40 वर्षीय अमरजीत कौर और 38 वर्षीय अंग्रेजो देवी हैं। 

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अंग्रेजी देवी का चंडीगढ़ सेक्टर 32 मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था जबकि अमरजीत कौर पंचकूला सेक्टर 6 सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन थी। दो की मौत और एक के बाद एक लोगों के बीमार पड़ने की सूचना से हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को गांव हुसैनी में डेरा डाल लिया और चेकअप कैंप लगा कर उपचार शुरू कर दिया। 

मरीजों का कहना है कि उन्हें 2 से 3 दिन पहले बुखार हुआ व जिससे आधे शरीर ने काम करना छोड़ दिया है। हालत ज्यादा खराब होने पर अस्पताल लाया गया है। ग्रामीण सतपाल, सतनाम, रणबीर, धर्मपाल, विशाल आदि का कहना था कि नारायणगढ़ का अस्पताल खुद बीमार है। जो भी यहां उपचार के लिए जाते हैं तो उन्हें रेफर कर दिया जाता है। 

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रेफरल बना नारायणगढ़ नागरिक अस्पताल, रास्ते में मरीज की मौत

नारायणगढ़ नागरिक अस्पताल में मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है। क्योंकि न तो वहां डेंगू के उपचार की सुविधा है न टेस्ट की। जिन मरीजों के प्लेटलेट्स कम हैं प्लेटलेट्स चढ़ाने की व्यवस्था भी नहीं है। यहां जो भी मरीज आता है उसे सीधे चंडीगढ़ या अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। 

इसी कारण मरीज दम तोड़ रहे हैं। अमरजीत की मौत भी ऐसे ही गुरुवार सुबह हुई। अमरजीत चंडीगढ़ में भर्ती थी। दो दिन पहले से छुट्टी दे दी गई थी। लेकिन बुधवार रात उसकी हालत बिगड़ गई। उसे नारायणगढ़ अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे शहर नागरिक अस्पताल भेज दिया लेकिन उसने बीच रास्ते ही दम तोड़ दिया।

प्रशासन ने करवाई फोगिंग, भरे पानी के सैंपल
सूचना मिलते ही नारायणगढ़ एसडीएम आदिती गांव हुसैनी पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों को मदद का आश्वासन भी दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव पहुंची। जगह-जगह से पानी के सैंपल भरे गए। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कस्बे में फोगिंग शुरू नहीं करवाई। जबकि डेंगू का सीजन पीक पर है। 

स्थिति यह है कि फोगिंग की मशीनें जंग खा गई। गुरुवार को जब फोगिंग के लिए गांव में मशीन मंगवाई तो खराब निकली। इसके बाद दूसरी मशीनें मंगवाकर फोगिंग करवाई गई। ग्रामीणों ने बताया कि अगर हर गांव में समय से पहले फोगिंग करवाई जाती तो यह नौबत नहीं आती।

मरीजों का फूटा दर्द

नारायणगढ़ के निजी अस्पताल में उपचाराधीन किरणा देवी व नैंसी ने बताया कि उन्हें 2 से 3 दिन पहले बुखार हुआ था। शरीर का आधा हिस्सा बिल्कुल सुन्न हो गया। नारायणगढ़ के निजी अस्पताल में भर्ती करने पर पता चला है कि डेंगू है। नारायणगढ़ के नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन कुलदीप सिंह ने बताया कि उसे 2 दिन से बुखार है। चक्कर व बेचैनी हो रही है।

कालाअंब में भी मिला एक डेंगू का मरीज
नारायणगढ़ के निकटवर्ती कस्बा कालाआंब से भी एक डेंगू का मरीज नारायणगढ़ के निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। इस बारे कालाआंब की रहने वाली उपचाराधीन मरीज छाया ने बताया कि उसे भी दो दिन से बुखार था। बुखार के साथ चक्कर आने लगे जब चेकअप करवाया तो प्लेटलेट्स कम मिले जिस पर उसे अस्पताल में दाखिल होना पड़ा।

50 से ज्यादा है मरीजों की संख्या: सरपंच
सरपंच रामकरण ने बताया कि गांव में करीब तीन-चार दिन से कई लोग बुखार से पीड़ित थे लेकिन 2 दिन में संख्या बढ़ती जा रही है। अब मरीजों की संख्या करीब 50 के पार हो गई है। इसमें आधा दर्जन मरीज नारायणगढ़ के निजी व सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। 
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करीब 25 से 30 मरीज पंचकूला व चंडीगढ़ में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव से पानी के सैंपल लिए गए हैं अभी खुलासा नहीं हुआ कि यह किस किस्म का बुखार है। बुखार से 2 महिलाओं की मौत हो गई हैं। बीडीपीओ की टीम फोगिंग करवा रही है। फोगिंग मशीनें खराब थी जिन्हे ठीक करवा दिया गया है।- रामकरण सरपंच। 

मरीजों के प्लेटलेट्स कम पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पानी के सैंपल भी भरे हैं पानी ठीक मिला है। 5-6 मरीज तो पीजीआई रेफर हैं। कुछ का निजी अस्पताल में भी इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दे दिए हैं। हेल्थ विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाया है और मरीजों की जांच के बाद दवाई दी जा रही है।

नारायणगढ़ अस्पताल में डेंगू का इलाज संभव नहीं है इसीलिए वहां से मरीजों को अंबाला शहर रेफर किया जा रहा है। दो महिलाओं की मौत भी हुई है। उनके भी प्लेटलेट्स कम थे। फोगिंग के भी आदेश दे दिए हैं। आदिति, एसडीएम नारायणगढ़ 

नारायणगढ़ नागरिक अस्पताल में तो करीब 3-4 मरीज ही हुसैनी गांव के भर्ती हैं। प्लेटलेट्स अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में चढ़ाए जाते हैं। डेंगू का एलाईजा टेस्ट भी वहीं से होता है। इसीलिए हम ऐसे मरीजों को अबाला शहर रेफर कर देते हैं। हुसैनी गांव शहजादपुर में पड़ता है वहां की स्थिति शहजादपुर के एसएमओ ही बता सकते हैं। डॉ. प्रवीण, एसएमओ नारायणगढ़।
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