मालूम हो कि बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित एक अन्य डेरा अनुयायी महिंदरपाल बिट्टू की भी 22 जून 2019 को नाभा जेल में हत्या कर दी गई थी। उस घटना के बाद पंजाब पुलिस ने जमानत पर चल रहे डेरा अनुयायियों को सुरक्षा भी मुहैया करवाई थी लेकिन इसके बावजूद प्रदीप सिंह कटारिया की हत्या हो गई थी। उस समय उनकी सुरक्षा में तैनात एक होमगार्ड जवान भी गोली लगने से घायल हुआ था। प्रदीप सिंह कटारिया की हत्या के बाद फरीदकोट की अदालत में चल रहे बरगाड़ी बेअदबी केस की सुनवाई के समय कोई भी आरोपी अदालत में नहीं पेश हो रहा था और वह अदालत से अपनी हाजिरी माफ करवा रहे हैं।
आपस में जुड़े हैं ट्रांसफर किए बरगाड़ी व मोगा के चारों केस
उच्चतम न्यायालय ने डेरा सिरसा के अनुयायियों के जिन चार मामलों को पंजाब से ट्रांसफर करने का आदेश दिया है, वह आपस में जुड़े हैं। जून 2018 में पंजाब पुलिस की एसआईटी ने साल 2010 के दौरान थाना सिटी मोगा में दर्ज एफआईआर नंबर 33 की पड़ताल के दौरान डेरा सिरसा के 10 अनुयायियों को गिरफ्तार किया था।
यह घटना मोगा शहर में आगजनी व तोड़फोड़ किए जाने से संबंधित थी, जिसमें सबसे पहले डेरा सिरसा की 45 सदस्यीय प्रांतीय कमेटी के सदस्य महिंदरपाल बिट्टू को गिरफ्तार किया गया था और पूछताछ के बाद अन्य अनुयायियों की धरपकड़ की गई। पूछताछ के बाद एसआईटी ने इनकी बरगाड़ी बेअदबी की घटनाएं में शमूलियत होने का दावा किया। चूंकि उस समय बेअदबी केस की जांच सीबीआई के पास थी, ऐसे में पंजाब पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी।
सीबीआई ने पंजाब पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर अपनी जांच को आगे भी बढ़ाया लेकिन बाद में डेरा अनुयायियों को क्लीनचिट दे दी थी। इसके बाद दोनों एजेंसियों में जांच को लेकर कानूनी विवाद भी पैदा हुआ और विवाद के पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में पहुंचने पर उच्च न्यायालय ने इन मामलों की जांच सीबीआई से लेकर पंजाब पुलिस को सौंप दी थी।
बरगाड़ी बेअदबी के तीनों केसों में राम रहीम भी चार्जशीट
बरगाड़ी बेअदबी मामले से जुड़े तीन केस हैं और तीनों ही केसों में पंजाब पुलिस की एसआईटी की तरफ से फरीदकोट की अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें से पहला मामला गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से पावन स्वरूप चोरी करने (एफआईआर नंबर 63), दूसरा मामला इसी गुरुद्वारा साहिब के बाहर भद्दी शब्दावली का पोस्टर लगाने (एफआईआर नंबर 117) और तीसरा मामला बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के समक्ष पावन स्वरूप की बेअदबी (एफआईआर नंबर 128) का है और यह तीनों केस थाना बाजाखाना में दर्ज हैं। तीनों मामलों में फरीदकोट जिले से संबंधित डेरा अनुयायियों के अलावा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम भी चार्जशीट है जबकि डेरे की राष्ट्रीय कमेटी के तीन सदस्यों को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया है।