बाहर से करते थे दिखावा, अंदर से डरे थे
पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा दो बार विजिलेंस के पास बयान दर्ज करवाने पहुंचे। इस दौरान वह हर बार दिखावा करते थे कि वह काफी मजबूत हैं। मीडिया के सवालों के जवाब भी देते थे लेकिन अंदर से उन्हें विजिलेंस की जांच का डर सता रहा था। जब पिछली बार उनसे पूछताछ हुई तो उनसे विजिलेंस ने उन पर इंडस्ट्री घोटाले के आरोपों के बारे में ही जानकारी ली। इसके बाद वह काफी उखड़ गए थे। इसके बाद ही उन्होंने विजिलेंस को रिश्वत देने का प्लान बनाया।
मान सरकार पर हमें गर्व: जिंपा
उधर, मंत्री ब्रह्म शंकर जिंपा ने कहा कि उन्हें भगवंत मान सरकार पर गर्व है, जिन्होंने काबिल एवं ईमानदार अफसर नियुक्त किए। सुंदर शाम अरोड़ा ने अपने कार्यकाल में घोटाले कर हजारों करोड़ की संपत्तियां बनाई। उसकी जांच को प्रभावित करने के लिए विजिलेंस विभाग को रिश्वत देना इस बात का बड़ा सबूत है। अगर वह सच्चे होते तो जांच होने देते न कि जांच अधिकारियों को पैसे के दम पर खरीदने की कोशिश करते। हालांकि उनकी अपनी कांग्रेस की सरकार में मोहाली जेसीटी लैंड घोटाले व अन्य घोटालों के कारण उन्हें मंत्रिमंडल से निलंबित कर दिया गया था।
चुनाव के बाद और ईडी के डर से वह भाजपा में शामिल हो गए थे। यह भाजपा पर भी बड़ा सवालिया निशान है कि उन्होंने पंजाब में ऐसे कई भ्रष्ट नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर सत्ता के प्रति लालच को दिखाया है। जिंपा ने कहा कि आप की सरकार सुंदर शाम अरोड़ा की अर्जित काली कमाई से बनी बेनामी संपत्ति, कॉलोनी, शॉपिंग मॉल, स्कूल और अस्पताल समेत सभी की गहराई से जांच करवाएगी।