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खैरा का मंत्री कटारूचक्क पर आरोप: आफिस में बेटे को फोन अटेंडेंट और घर में PA को लगाया कुक

Fri, 28 Apr 2023 11:50 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

खैरा ने आरोप लगाया कि पावरकॉम सहित कई विभागों में दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के लोगों को नौकरियां दी गई हैं, जबकि पंजाब के युवा जमीन बेचकर विदेश जाने को मजबूर हैं।
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प्रेस वार्ता करते सुखपाल सिंह खैरा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा ने शुक्रवार को जालंधर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि खाद्य आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने अपने बेटे रोबिन सिंह को ऑफिस में टेलीफोन अटेंडेंट और हिमाचल प्रदेश (गांव मुठाली, जिला कांगड़ा) के विकास देव्याल को स्पेशल असिस्टेंट नियुक्त कर लिया है। यहां उसका वोट भी बन गया है। मैं चुनाव आयोग से शनिवार को शिकायत करूंगा कि इसकी जांच की जाए। 

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मंत्री ने पीए साहिल सैनी को सरकारी कोठी का बावर्ची नियुक्त कर रखा है, जो संविधान के खिलाफ है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने मंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं की। वह कटारूचक्क को पद से हटाने के साथ ही जांच करवाएं, क्योंकि जो मंत्री 10 से 15 हजार के लिए अपने बेटे और रिश्तेदार को नौकरी पर लग सकते हैं, वह करोड़ों के प्रोजेक्ट में कितना घपला करते होंगे।

खैरा ने कहा कि विरोधी पार्टियां आवाज उठाती हैं तो उनके खिलाफ पर्चे दर्ज किए जा रहे हैं। आप सरकार विरोधी पार्टी के नेताओं के खिलाफ विजिलेंस की जांच को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई बताती है, जबकि सीबीआई व ईडी आप नेताओं के घरों पर रेड मारती है तो खुद को सताया हुआ बताते हैं। जब हेरा-फेरी नहीं की तो सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया को अब तक जमानत क्यों नहीं मिली।
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पंजाब में अन्य राज्यों के लोगों को दी जा रहीं नौकरियां
खैरा ने आरोप लगाया कि पावरकॉम सहित कई विभागों में दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के लोगों को नौकरियां दी गई हैं, जबकि पंजाब के युवा जमीन बेचकर विदेश जाने को मजबूर हैं। खैरा ने अमृतपाल सिंह पर एनएसए लगाने और युवाओं को असम की जेल में बंद करवाने के मामले में कहा कि सरकार इंसाफ के लिए लड़ने वालों की आवाज दबाने में जुटी है। ट

खुद पर दर्ज केस के मामले में खैरा ने कहा कि जब गिरदावरी न होने पर किसानों के साथ मिलकर धरना दिया था। अब आरोप लगाए गए हैं कि एसडीएम को धमकाया-डराया गया और दफ्तर में घुसकर लाइव किया, जो सरासर गलत है। संगरूर की तरह जालंधर की जनता भी इन्हें सबक सिखाएगी।

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