फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव 2019: पंजाब की राजनीति में होगी नई पार्टी की एंट्री, सुखपाल खैरा आज करेंगे एलान

Tue, 08 Jan 2019 09:18 AM IST
पूजा मेहरोत्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
Sukhpal Singh Khaira
विज्ञापन

आम आदमी पार्टी को अलविदा कहने वाले सुखपाल खैरा मंगलवार को अपनी नई सियासी पार्टी का एलान करेंगे। साथ ही शुरुआती संगठनात्मक ढांचे के बारे में भी बताएंगे। अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में खैरा ने दावा किया कि उनकी पार्टी एक मजबूत क्षेत्रीय ताकत बन कर उभरेगी। परंपरागत पार्टियां दशकों से लोगों के मुद्दों को दरकिनार कर लूटखसोट में लगी हैं। हम लोगों को तीसरा विकल्प देंगे। 

विज्ञापन


भगवंत मान कह रहे हैं कि सीट क्यों नहीं छोड़ते। जब पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया तो सीट तो छोड़ी ही जा चुकी है। अगर उन्हें लगता है कि स्पीकर को पत्र लिख कर मुझे अयोग्य करार करवा सकते हैं। खैरा ने कहा कि केजरीवाल के नेतृत्व में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ा गया था, बाकी 97 के हारने की जिम्मेदारी किसकी है। भुलत्थ हलके की सियासत में उनका परिवार आधी सदी से सक्रिय है, लोगों ने उनके किरदार पर वोट दिए हैं। 

खैरा ने कहा कि हरपाल चीमा ज्यादा बोल रहे हैं, अगर 1-2 एमएलए और चले गए तो एलओपी का पद भी जाएगा। खैरा ने कहा कि उनकी सदस्यता पर स्पीकर जो फैसला करेंगे, वह तैयार हैं, चुनाव से नहीं भागते। मास्टर बलदेव के इस्तीफे की चर्चाओं पर खैरा ने कहा कि अभी नहीं दिया है। अगर आप को एलओपी पद गवांकर शांति मिलती है तो दिला देते हैं। 

विज्ञापन

सुखपाल खैरा - फोटो : file photo
इन्हें नजर नहीं आ रहा, पर वह नहीं चाहते कि किसी गलती से एलओपी पद सुखबीर को मिल जाए। उनके गुट के सात विधायक हैं, पर वह बेवजह उप चुनाव नहीं चाहते। मनीष सिसोदिया पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि बाकी सब लोग पद के लालच में आए थे, सिर्फ इन लोगों को पद नहीं चाहिए। केजरीवाल संविधान में संशोधन कर लगातार तीसरी बार कन्वीनर बने हैं, सीएम भी हैं।

चुनाव पर पीडीए लेगा फैसला
सुखपाल खैरा ने कहा कि पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस बन चुका है। जिसमें उनके गुट के अलावा लोक इंसाफ पार्टी, बसपा और डॉ. धरमवीर गांधी हैं। 11-12 को लुधियाना में मीटिंग है। जिसमें तय किया जाएगा कि लोकसभा चुनाव लड़ना है या नहीं और कितनी सीटों पर लड़ना है। लोकसभा चुनाव के बाद पंजाब की सारी हमख्याली पार्टियों को एक प्लेटफार्म पर लाने की कवायद तेज की जाएगी।
विज्ञापन

भगवंत मान को दी चुनौती

सुखपाल खैरा ने भगवंत मान को चुनौती दी कि वह 20 को अरविंद केजरीवाल की रैली के दौरान मंच से बोलें कि वह माफी से सहमत हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि मान कहते हैं कि प्रधानगी से इस्तीफा दे दिया। फिर कहते हैं कि केजरीवाल से इस बारे में बात नहीं हुई। एक साल में वह केजरीवाल से पूछ ही नहीं सके कि बिक्रम मजीठिया से माफी क्यों मांगी या केजरीवाल ने जवाब नहीं दिया, या वह पंजाब के लोगों के साथ मसखरी कर रहे हैं। केजरीवाल कह चुके हैं कि उनकी दिन में दस बार मान से बात होती है।

दलबदल कानून पर हो बहस
सुखपाल खैरा ने कहा कि पहले कांग्रेस, फिर भाजपा ने एंटी डिफेक्शन लॉ में संशोधन किया। अलग पार्टी बनाने के लिए दो तिहाई के संख्याबल की शर्त बना दी। यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। इसके चलते पार्टी प्रधान तानाशाह बन गए, पार्टियों में लोकतंत्र खत्म हो गया। सुखबीर बादल के पास करोड़ों की पार्टी प्रॉपर्टी और फंड हैं, पर न दो तिहाई लोग इकट्ठे होंगे, न उनसे कोई मांग सकेगा। इस मुद्दे पर गंभीर बहस की जरूरत है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें