सुखबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी यह आरोप लगाकर बादल परिवार को बदनाम करने की कोशिश करते रहे हैं कि उन्हें एसवाईएल के निर्माण के लिए सहमति देने के बदले गुड़गांव में एक होटल के लिए जमीन दी गई थी। सुखबीर ने कहा कि यह सफेद झूठ है। उन्होंने कहा कि गुड़गांव में होटल की जगह 1989 में राज्य की औद्योगिक नीति के तहत आवेदन करने पर बादल परिवार को दी गई, जबकि एसवाईएल नहर प्रोजेक्ट की शुरूआत पूर्व मुख्यमंत्री ज्ञानी जैल सिंह ने 1976 में सैद्धांतिक मंजूरी देकर की थी।
उन्होंने कहा कि मैं भगवंत मान को याद दिलाना चाहता हूं कि जहां देवीलाल ने 1979 में एसवाईएल के निर्माण की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब पुनर्गठन एक्ट की धारा 78 को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि बादल ने यह सुनिश्चित करने के लिए कपूरी मोर्चे की अगुवाई की थी कि नहर का निर्माण न हो।
सुखबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अकाली सरकारों के दौरान किए गए विकास कार्यों के बारे में भी झूठ बोला है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री को याद दिलाना चाहता हूं कि वे थर्मल प्लांट, हवाई अडडों, राजमार्गों, सिंचाई चैनलों और मंडियों सहित राज्य में सभी बुनियादी ढ़ांचा परियोजनाओं को देखें और जांचें कि वे कब शुरू हुए। ये सभी पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल के दौरान ही स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आप सरकार के नाम एक भी उपलब्धि नहीं है, फिर भी उसने सरकार में पहले डेढ़ साल के दौरान 50 हजार करोड़ रूपये का कर्ज लिया है।