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Amritsar: तनखाइया घोषित होने के अगले दिन श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे सुखबीर बादल, साथियों का स्पष्टीकरण दिलवाय

Sat, 31 Aug 2024 04:41 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

तनखाइया घोषित होने के दूसरे ही दिन श्री अकाल तख्त पहुंचे सुखबीर बोले कि क्षमा याचना स्वीकार करें, जो भी हुक्म होगा सिर झुकाकर स्वीकार है। श्री अकाल तख्त साहिब पर क्षमा याचना के लिए सिंह साहिबानों से जल्द मीटिंग बुलाने की गुहार लगाई है। सुखबीर के साथ आए कैबिनेट मंत्रियों ने भी दिया अपना-अपना स्पष्टीकरण दिया।
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सुखबीर बादल - फोटो : X @officeofssbadal
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विस्तार
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तनखाइया घोषित होने के दूसरे ही दिन शनिवार दोपहर करीब पौने चार बजे शिरोमणि अकाली दल बादल के अध्यक्ष व पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल अचानक श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में अपने कुछ नेताओं के साथ पहुंच गए। सुखबीर ने जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह की गैर मौजूदगी में श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जाकर लिखित तौैर से क्षमा याचना पत्र स्टाफ के कर्मचारियों को सौंपा।

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उनके अलावा पूर्व कैबनिट मंत्री रहे डा. दलजीत सिंह चीमा, महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल, शरणजीत सिंह ढिल्लों व गुलजार सिंह रणिके ने भी सचिवाल में अपने लिखित स्पष्टीकरण सौंपे। सुखबीर बादल ने कहा कि उन्हें जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा क्षमा याचना करने के आदेश की कॉपी शनिवार को हासिल हुई और वे इस आदेश को स्वीकार करते हुए निजी तौर पर श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होकर गुरु पंथ के समक्ष क्षमा याचना करते हैं।

उनकी इस याचना को बिना किसी देरी स्वीकार किया जाए। सिंह साहिबान को संबोधित करते हुए सुखबीर ने पत्र में कहा कि उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से हो भी हुक्म होगा और सिख साहिब जो भी हुक्म सुनाएंगे वह उसे निमाणे सिख के रूप में स्वीकार करेंगे।
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सुखबीर बादल ने जत्थेदार रघबीर सिंह से श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी व पांच तख्तों के सिंह साहिबान की मौजूदगी में सार्वजनिक तौर से क्षमा याचना के लिए जल्द से जल्द सिंह बैठक बुलाने की अपील भी की। पत्र में कहा कि सिंह साहिबान जल्द ही कोई तिथि निर्धारित करें। दास उस तिथि पर पेश हो जाएगा। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को सिंह साहिबानों ने सुखबीर बादल को तनखाइया घोषित करते हुए अन्य मंत्रियों को भी गलतियों व गुनाहों के लिए लिखित स्पष्टीकरण देने की हिदायत दी थी।
 
चार पूर्व अकाली मंत्रियों ने दिए स्पष्टीकरण
शनिवार को सुखबीर बादल के साथ आए अकाली दल सरकार के चार पूर्व मंत्रियों डा. दलजीत सिंह चीमा , गुलजार सिंह रणिके , शरणजीत सिंह ढिल्लों एवं महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल ने भी लिखित स्पष्टीकरण श्री अकाल तख्त सचिवालय में दे दिए।

वरिष्ठ अकाली नेता डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि वे भी साल 2014-17 के दौरान शिक्षा मंत्री रहे और पार्टी की अभी भी कई जिम्मेवारियों का निर्वाह कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने भी जत्थेदार के नाम पर अपना स्पष्टीकरण सचिवालय में सौंप दिया है। उन्होंने कहा है कि 30 अगस्त को जो हुक्म हुआ है उसके तहत वह अपना स्पष्टीकरण आज 31 अगस्त को ही जत्थेदार को सौंपते हैं । पार्टी में सचिव, प्रवक्ता व पूर्व मंत्री पद पर होने के नाते पूर्व अकाली सरकार के दौरान हुए गलत फैसलों व गलतियों के लिए वह भी बराबर के जिम्मेवार हैं, इसलिए वह राज्य में अपनी सरकार के दौरान हुई गलतियों के लिए माफी मांगते हैं।

सभी शक्तियां भूंदड़ को सौंप चुके हैं सुखबीर: चीमा
अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल बादल के महासचिव व प्रवक्ता डा. दलजीत सिंह चीमा ने बागी अकालियों द्वारा सुखबीर बादल को प्रधानगी से हटाने की मांग पर उन्हें आड़े हाथों लिया। कहा कि शिअद के कार्यकारी अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ को अध्यक्ष पद की सारी शक्तियां सौंपने के बाद ही सुखबीर बादल निमाणे सिख की तरह श्री अकाल तख्त साहिब पर नतमस्तक होने पहुंचे हैं। विरोधियों के पास अब सुखबीर के खिलाफ कोई मुद्दा ही नहीं बचा है। उनका विरोध करने वाले बागी नेताओं को भी श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर माफी मांगनी चाहिए।

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क्या होता है तनखाइया?

सिख पंथ में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से पंथ से जुड़ी गलतियों के लिए किसी व्यक्ति को दोषी करार दिए जाने को तनखाइया और धार्मिक सजा सुनाने को तनखा लगाना कहा जाता है। तनखाइया घोषित करने के बाद संबंधित व्यक्ति को अपने ऊपर लगे आरोपों का सामना करने के लिए अकाल तख्त साहिब पर बुलाया जाता है। इस दौरान अकाल तख्त से संगत के सामने सिंह साहिबान धार्मिक गलतियों को बोल कर सुनाते हैं। दोषी से पूछा जाता है कि क्या वह इन्हें स्वीकार करता है। अगर तनखाइया व्यक्ति गलतियां स्वीकार कर लेता है, तो उसे धार्मिक सजा सुनाई जाती है। गलतियां स्वीकार न करने पर उसे सिख पंथ से निष्कासित करने का एलान कर दिया जाता है। पूर्व सीएम सुरजीत सिंह बरनाला व कैप्टन अमरिंदर सिंह, शिअद नेता सुच्चा सिंह लंगाह, पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह और पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका आदि को भी तनखाइया घाेषित किया जा चुका है। 
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