पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल को बड़ी राहत दी और उनके खिलाफ अमृतसर में दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। कोरोना काल में डीसी के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में उन पर जुलाई 2021 में यह मामला दर्ज किया गया था।
शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल ने एक जुलाई 2021 को अमृतसर दौरे में प्रेसवार्ता आयोजित कर ब्यास नदी में अवैध खनन का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्होंने पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा के साथ ब्यास नदी का दौरा किया था। सुखबीर बादल ने वहां मीडिया के सामने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश की धज्जियां उड़ाकर खनन करने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने सुखबीर बादल के खिलाफ उसी दिन डिप्टी कमिश्नर के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर को रद्द करवाने की मांग को लेकर सुखबीर सिंह बादल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और कोई भी स्थापित राजनीतिक व्यक्ति सार्वजनिक शिकायतों पर गंभीर होता है। ऐसे में यदि वह मौके पर जाकर शिकायत के सत्यापन का निर्णय लेता है तो यह नहीं कहा जा सकता कि उसका इरादा सरकार द्वारा जारी किसी घोषणा के उल्लंघन का था। ऐसे में कोर्ट ने डीसी के आदेश का उल्लंघन करने के चलते उनके खिलाफ धारा 188 व अन्य धाराओं में दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश जारी किया है।