आम आदमी पार्टी के पूर्व सूबा कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर की पार्टी में वापसी तय हो गई है। दोनों ही पक्ष पूरी तरह राजी हैं। बस, सिर्फ वापसी के एक सम्मानजनक फॉर्मूले पर मंथन किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने छोटेपुर और सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी को वापस लाने के लिए पंजाब इकाई को निर्देश दिए थे। जिसके बाद सांसद संजय सिंह ने डॉ. गांधी के घर जाकर उनसे बातचीत की थी।
जबकि, पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने छोटेपुर जाकर उनसे बातचीत की थी। उस मीटिंग में छोटेपुर ने स्पष्ट कर दिया था कि वह अभी तक यह नहीं भूले हैं कि किस तरह उन्हें वॉलंटियर्स से पैसे लेने का झूठा आरोप लगा कर सूबा कन्वीनर पद से हटाया गया था। उनका इशारा था कि इसके लिए पार्टी स्तर पर माफी मांगी जानी चाहिए और उस साजिश के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। उसके बाद सारी पार्टी इलेक्शन मोड में चली गई।
जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के चलते सभी नेता अपने हलकों में चले गए। चुनाव निपटने के बाद छोटेपुर को लाने की कवायद फिर शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने इसके लिए अपने विधायक दल के नेता हरपाल चीमा और बलजिंदर कौर की ड्यूटी लगाई है। पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी चंडीगढ़ दौरे के समय छोटेपुर से बातचीत आगे बढ़ाने के हरी झंडी दी थी। जिसके बाद चीमा और बलजिंदर कौर ने एक बार फिर छोटेपुर से मुलाकात की।
उधर, सूत्रों के अनुसार छोटेपुर के करीबी लोगों के साथ-साथ उनकी आपणा पंजाब पार्टी के लोगों ने भी इस बात पर सहमति जता दी है कि उन्हें आप में शामिल होना चाहिए। आप पहले ही उन्हें लाने की पहल कर रही है, दोनों पक्ष ही इस बात पर राजी हैं। अब वापसी के सम्मानजनक फॉर्मूले पर मंथन किया जा रहा है। अगर छोटेपुर साधारण तरीके से वापस आते हैं तो यह उनकी गरिमा के खिलाफ होगा। वापसी के लिए कम से कम यह शर्त जरूर होगी कि उनके साथ जो हुआ, उसके लिए पार्टी का शीर्ष नेतत्व गलती स्वीकार करे।