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बड़ी सौगातः सेना-पैरामिलिट्री के शहीद अफसरों के आश्रित अब हरियाणा में बनेंगे अफसर

Mon, 01 Oct 2018 10:53 AM IST
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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देश की सीमा पर तैनाती या युद्ध के दौरान जान गंवाने वाले सेना और अर्ध सैनिक बलों के शहीद अफसरों के आश्रित भी अब हरियाणा के सरकारी विभागों में अफसर बनेंगे। मनोहर लाल सरकार ने प्रदेश के शहीद अफसरों के आश्रितों को क्लास-टू नौकरी देने का निर्णय लिया है। सरकार ने लंबे समय से विचाराधीन मांग पर मुहर लगाकर सैनिक परिवारों को बड़ी सौगात दी है।
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सरकार के निर्णय का सैनिक-अर्ध सैनिक अफसरों के नौकरी से वंचित आश्रितों को जल्द लाभ मिलेगा। चूंकि, अभी शहीदों के आश्रितों को प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरी देने का ही प्रावधान था। पूर्व में जिन शहीद अफसरों के आश्रितों को नौकरी मिल चुकी है, उन्हें इस निर्णय का लाभ नहीं होगा। अगर शहीद अफसर का कोई आश्रित नौकरी से वंचित है तो उसे नियमानुसार क्लास-टू की नौकरी मिलेगी।

भविष्य में हरियाणा का अगर कोई अफसर शहीद होता है तो उसके परिवार को यह लाभ दिया जाएगा। मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, एसडीएम, यूनिवर्सिटी-मेडिकल कॉलेजों के रजिस्ट्रार और राज्य सैनिक बोर्ड के सचिव को सरकार के निर्णय को लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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मुख्य सचिव ने भविष्य में कैबिनेट बैठक में नौकरी प्रदान करने के लिए लाए जाने वाले एजेंडे में इस निर्णय पर अमल करने को कहा है। हरियाणा एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अतर सिंह मुलतानी और महासचिव खुशबीर सिंह दत्त ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे सैनिक-अर्ध सैनिक अफसरों के बच्चे हरियाणा की सरकारी नौकरी में भी अफसर के पद पर सेवाएं दे सकेंगे।
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सेना-अर्ध सैनिक बलों में लगभग 21 हजार अफसर

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देश की सेना में हर दसवां जवान हरियाणा से है। अर्ध सैनिक बलों में भी हरियाणा के जवानों की संख्या खासी है। सूत्रों के अनुसार सेना और अर्ध सैनिक बलों में प्रदेश के लगभग 21 हजार अफसर सेवारत हैं। प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार ने चार साल के कार्यकाल में 230 शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी दी है, जबकि कांग्रेस ने दस साल के शासनकाल में छह और इनेलो सरकार ने 66 आश्रितों को नौकरी दी थी।

कानूनी तौर पर गोद लिया बच्चा भी होगा पात्र
मूल रूप से हरियाणा के शहीद अफसरों के बेटा-बेटी (विवाहित या अविवाहित), पत्नी और भाई के अलावा कानूनी तौर पर गोद लिया गया बच्चा भी क्लास टू नौकरी का पात्र होगा। अफसर के शहीद होने से पहले बच्चा गोद लिया होना चाहिए। परिवार से एक ही व्यक्ति को नौकरी मिलेगी।

क्लास-टू की योग्यता पूरी न करने पर थ्री व फोर क्लास में ही नियुक्ति
अगर आश्रित क्लास टू नौकरी की शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करता है तो उसे क्लास-थ्री और फोर की ही नौकरी मिलेगी। शहीद अफसर के परिवार को तीन साल के भीतर जिले के डीसी के पास नौकरी के लिए आवेदन करना होगा। अगर बच्चा 18 साल से छोटा है तो उसके बालिग होने पर आवेदन करने की छूट रहेगी। डीसी नौकरी के आग्रह को सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण विभाग को आगामी कार्रवाई केलिए भेजेंगे। सीधी भर्ती के कोटा पदों में क्लास टू नौकरी दी जाएगी।
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