हरियाणा केसरी एवं राजस्थान पुलिस की सब इंस्पेक्टर रहीं नैना कैनवाल को जमानत मिल गई है। मंगलवार को एएसजे मनपाल रमावत की अदालत में दोनों पक्षों की बहस हुई। अदालत के आदेश पर 18 दिन बाद नैना जमानत पर सुनारिया जेल से बाहर आएंगी। बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने कोर्ट को बताया कि नैना को नहीं पता था कि सुमित दिल्ली पुलिस का वांछित है।
पुलिस ने जो दो पिस्तौल बरामद की, वह सुमित की हैं। पुलिस की जांच के दौरान भी यह बात सामने आई है। इतना ही नहीं, नैना राजस्थान पुलिस में एसआई हैं, उन्हें सर्विस रिवाल्वर मिल ही जाती है। ऐसे में अवैध रिवाल्वर रखने की कोई आवश्यकता नहीं थी। इतना ही नहीं, उनके माता-पिता गांव के सरपंच रहे हैं। पूरे मामले में बहस के बाद अदालत ने नैना को जमानत दे दी।
दिल्ली पुलिस ने दी थी फ्लैट पर दबिश
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 2021 में दिल्ली के मोहन गार्डन थाने में बोहर निवासी सुमित नांदल के खिलाफ अपहरण और उगाही का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस उसकी तलाश में दो मार्च 2023 को रोहतक पहुंची थी। पता चला कि सुमित नांदल लाढ़ोत रोड स्थित सनसिटी हाइट्स के एक फ्लैट में है। पुलिस की दबिश से कुछ समय पहले ही सुमित नांदल वहां से निकल गया था।
दरवाजा खटखटाया तो नैना ने गेट खोला। उनके दोनों हाथों में पिस्तौल थी। पुलिस को देखकर नैना ने पिस्तौल खिड़की से नीचे फेंक दी थी। इसके बाद पुलिस ने पिस्तौल को कब्जे में ले लिया था और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्जकर नैना को गिरफ्तार किया था। तभी से वह न्यायिक हिरासत में थीं।
कौन हैं नैना कैनवाल
महिला पहलवान नैना कैनवाल पानीपत जिले के गांव सुताना की रहने वाली हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते हैं। उन्हें हरियाणा केसरी का खिताब भी मिल चुका है। जून 2023 में राजस्थान पुलिस में खेल कोटे से नैना को सब इंस्पेक्टर की नौकरी मिली थी। मौजूदा समय में नैना रोहतक में रहकर प्रैक्टिस करती थीं।