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विद्यार्थी स्कूल लंच और किताबें नहीं करेंगे आपस में साझा

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चंडीगढ़। प्रशासन की ओर से स्कूलों को पूरी तरह से खोलने के बाद शिक्षा विभाग की ओर से वीरवार को स्कूलों को दिशानिर्देश जारी किए गए। इसके अनुसार बच्चे स्कूल में आपस में लंच, किताबें, कॉपी, स्टेशनरी आदि साझा नहीं करेंगे। सुबह की शिफ्ट में आने वाले बच्चों की छुट्टी और शाम की शिफ्ट में आने वाले बच्चों के स्कूल समय में आधे घंटे का अंतराल रखा जाएगा, ताकि स्कूल के मुख्य द्वार पर भीड़ एकत्रित नहीं हो।
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शिक्षा विभाग की ओर जारी निर्देशों के अनुसार बच्चों को कक्षा हाजिरी के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। कक्षाएं ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम में संचालित होंगी। वहीं बच्चों को स्कूल आने के लिए अभिभावकों की अनुमति लेनी होगी। सभी शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूल आना होगा और ऑनलाइन कक्षाएं भी स्कूलों से ही आयोजित की जाएंगी। 18 से ऊपर की उम्र वाले स्कूल सदस्यों को कोरोना टीकाकरण की दोनों डोज लगा होना अनिवार्य है। स्कूल प्रमुख नियमित रूप से स्कूल परिसर की सफाई और सैनेटाइजेशन करवाएंगे। थर्मल स्कैनर, सैनेटाइजर, मास्क और साबुन स्कूलों को पर्याप्त मात्रा में रखनी होगी। स्कूल गेट से आने वाले हर विद्यार्थी और स्कूल स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएंगी। मास्क लगवाना अनिवार्य होगा। स्कूल कक्षाओं को हवादार रखना है। विद्यार्थी स्कूल गेट पर एकत्रित नहीं होंगे। स्कूलों में सामान्य तौर पर आने वाले अतिथि, अभिभावकों पर कुछ समय के लिए पाबंधी रहेगी। अगर किसी विद्यार्थी की तबियत खराब होती है तो शिक्षक को स्कूल प्रमुख को जानकारी देनी होगी। अगर किसी विद्यार्थी के परिवार में किसी को कोविड होता है तो उसे स्कूल नहीं आने दिया जाएगा। वह निधार्रित समय के अनुसार क्वारंटीन रहेंगे।
विद्यार्थियों की मानसिक तनाव पर की जाएगी काउंसलिंग
स्कूल प्रमुख शिक्षकों की मदद से कोरोना महामारी के कारण बच्चों में आए मानसिक तनाव को लेकर उनकी काउंसलिंग करेंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों का जो शैक्षणिक नुकसान हुआ है, उसके लिए लर्निंग गतिविधियां तैयार कर शिक्षक विद्यार्थियों के लिए आयोजित करवाई। उन्हें कलात्मक तरीके से शैक्षणिक ज्ञान दिया जाए। पढ़ने की आदतों को फिर से नियमित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करवाए जाए। अगर कोई विद्यार्थी शैक्षणिक नुकसान के कारण तनाव में है तो शिक्षक उस पर अतिरिक्त ध्यान देंगे।
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