आठ से शुरू होगा चार दिवसीय प्रशिक्षण शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम में रहना अनिवार्य
शिक्षक सीखेंगे नई शिक्षण विधियां, निगरानी रखेंगे आला अधिकारी
चंडीगढ़। प्रदेश की प्राथमिक पाठशालाओं में विद्यार्थियों को बाल गीतों और खेल गतिविधियों से अक्षर ज्ञान दिया जाएगा। निपुण हरियाणा मिशन के तहत प्राथमिक कक्षाओं में नई शिक्षण विधियों और शिक्षण सामग्री का प्रयोग बढ़ाने के लिए शिक्षकों को चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के सभी खंडों में आठ अप्रैल से मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक मिशन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी मिशन) का प्रशिक्षण शुरू होगा। प्रशिक्षण में उच्चाधिकारी ऑनलाइन के जरिये जुड़ेंगे।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, डाइट प्रधानाचार्य और जिला परियोजना समन्वयक को पत्र लिखकर निपुण हरियाणा मिशन के तहत चौथी और पांचवीं तक निपुण कार्यक्रम के विस्तारीकरण के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में स्पष्ट हिदायत है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम खंड स्तर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय या फिर बीआरसी में आयोजित होगा। साथ ही प्रशिक्षण में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है। आगमन और प्रस्थान के दौरान दोनों समय ऑनलाइन उपस्थिति होगी। मार्च 2024 में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान जिन शिक्षकों ने हिस्सा नहीं लिया था, उनकी उपस्थिति अनिवार्य है। यही नहीं प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद पीआरटी को अपना प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र स्कूल मुखिया के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। यदि किसी स्कूल से कोई अध्यापक प्रशिक्षण में हिस्सा नहीं लेता है तो संबंधित स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यालय से उच्चाधिकारी करेंगे औचक निरीक्षण
प्रशिक्षण के दौरान मुख्यालय या फिर गठित कमेटी प्रशिक्षण स्थल का औचक निरीक्षण करेगी और पर्यवेक्षण रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम का पूरा रिकार्ड खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से रखा जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान करने के साथ यदि मुख्य प्रशिक्षक संतोषजनक तरीके से जवाब नहीं देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पांच साल के बच्चों का बाल वाटिका में होगा दाखिला
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को राज्य में प्राथमिक शिक्षा में लागू कर दिया है। पांच साल के आयु के विद्यार्थियों के लिए बालवाटिका-3 की कक्षाएं संचालित होंगी। पहली अप्रैल 2024 को पांच वर्ष की आयु पूरे कर चुके विद्यार्थी विद्यालय शिक्षा विभाग की ओर से सभी राजकीय विद्यालय में संचालित बाल वाटिका-III में दाखिल होंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग से समन्वय बनाकर ऐसे सभी बच्चों का डाटा आंगनबाड़ी केंद्रों से प्राप्त कर उन्हें बाल वाटिका में दाखिला दिया जाएगा। वहीं, तीन से चार साल की आयु के बच्चों के लिए विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को पठन-पाठन में वांछित शैक्षणिक सहयोग देने के लिए विद्यालय मुखिया की ओर से केंद्रों में कार्यरत संचालिकाओं को सहायता दी जाएगी।