पंजाब में सोमवार से स्कूल खुल गए हैं। पहले दिन गुरदासपुर जिले में स्कूल 50 फीसदी से भी कम संख्या में खुले। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से गुरेज कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और कई विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना जताई है। इसमें सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को बताया जा रहा है। अभी बच्चों की वैक्सीन नहीं आई है और न ही सभी अध्यापकों को दोनों डोज लगी हैं। ऐसे में बच्चों से ऑनलाइन ही पढ़ाई करवाएंगे।
सोमवार को गुरदासपुर के सभी 2174 स्कूल खुले। इनमें 1544 सरकारी स्कूल, 586 निजी और 44 एडिड स्कूल शामिल हैं। डीईओ सेकेंडरी हरपाल सिंह का कहना है कि भले ही पहले दिन स्कूलों में बच्चो की संख्या थोड़ी कम देखने को मिली लेकिन एक दो दिन में यह संख्या ठीक हो जाएगी। इसके अलावा नंगल के स्कूलों में प्री नर्सरी से लेकर पहली कक्षा के बच्चे नहीं पहुंचे। दूसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों की संख्या भी काफी कम रही। छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों की संख्या मात्र 30 से 40 प्रतिशत ही दर्ज की गई।
बुखार चेक कर विद्यार्थियों को स्कूल में दिया प्रवेश
फिरोजपुर में दो अगस्त को स्कूल खोलने पर ज्यादातर विद्यार्थी खुशी-खुशी स्कूल पहुंचे। स्कूल के मुख्य गेट पर खड़े शिक्षकों ने बुखार चेक करने के बाद विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश करने दिया। कक्षा में बैठाते समय सामाजिक दूरी का खास ध्यान रखा गया। सभी बच्चों ने मुंह पर मास्क पहना था। स्कूल के मुख्य गेट पर सैनिटाइजर का इंतजाम किया गया था।
डीसीएम के तहत आने वाले डीसी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दास एंड ब्राउन वर्ल्ड स्कूल, डीसीएम इंटरनेशनल स्कूल में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटॉकॉल के मद्देनजर विद्यार्थियों की सुरक्षा का अहम ध्यान रखा गया। डायरेक्टर एडमिन रिटायर्ड ब्रिगेडियर नवदीप माथुर ने कहा कि विद्यार्थियों के स्कूल में प्रवेश करने व जाने के लिए अलग-अलग गेट की व्यवस्था की गई थी और हर थोड़ी दूरी पर स्टाफ तैनात करने के अलावा विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई।