मोहाली फेज-6 सरकारी कॉलेज में पढ़ रहे बीए फाइनल के स्टूडेंट की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। मृतक के पिता गांव जंडपुर निवासी मोहन सिंह ने बताया कि बेटे मनजिंदर सिंह (21) की 15 फरवरी को तबीयत खराब होने के बाद सिविल अस्पताल खरड़ ले गए थे।
जहां डॉक्टरों उसकी नाजुक हालत को देखते हुए सिविल अस्पताल मोहाली रेफर कर दिया। मोहाली से मामला संदिग्ध पाए जाने के बाद सेक्टर-16 जीएमएसएच, चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। सेक्टर-16 अस्पताल में भी उसे सही चिकित्सा नहीं दी गई। सेक्टर-16 के डॉक्टरों ने मनजिंदर को जीएमसीएच-32 रेफर कर दिया।
अस्पताल में मनजिंदर की चिकित्सकीय जांच और टेस्ट के बाद डॉक्टरों ने उसे सोमवार को वापस घर भेज दिया। बुधवार, 18 फरवरी को मनजिंदर की दोबारा तबीयत बिगड़ गई। इसके तुरंत बाद उसे दोबारा जीएमसीएच-32 ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान मनजिंदर ने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने इस मामले में डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि मनजिंदर का एक ही अस्पताल में ठीक से इलाज होता तो वह बच जाता। परिजनों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने अस्पताल के सर्टिफिकेट में बेटे की मौत का कारण स्वाइन फ्लू बताया है। अस्पताल से मनजिंदर का शव पूरी तरह से सील करके भेजा घर भेजा गया। डॉक्टरों ने विशेष हिदायत दी कि इसे खोला ना जाए। देर शाम उसका गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इस संबंध में सिविल सर्जन नीलम भारद्वाज ने बताया कि उन्हें अभी तक संबंधित अस्पताल से मामले की कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। जैसे ही मामले की जानकारी आएगी, वह इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर गांव में सर्वेक्षण करवाएंगे