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Mohali News: छात्र ने शिक्षक पर किया हमला, दोस्तों ने भी दिया साथ, डांट से था खफा, चार टांके लगे

Sat, 24 Dec 2022 01:00 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कुराली (पंजाब)

सार

सरकारी अध्यापक यूनियन के जिला प्रधान सुरजीत सिंह, जनरल सचिव रविन्द्र सिंह पप्पी, मनप्रीत सिंह और शमशेर सिंह ने इस हमले की कड़ी निंदा की और ठोस कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर अध्यापक को इंसाफ नहीं मिला तो अध्यापक यूनियन सख्त कदम उठाने पर मजबूर हो जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मोहाली के एक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं के एक विद्यार्थी ने दोस्तों के साथ मिलकर शिक्षक पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। घायल शिक्षक को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया, उनके सिर में चार टांके लगे हैं। पुलिस को मामले की शिकायत दे दी गई है। सूत्रों के मुताबिक अध्यापक ने विद्यार्थी को डांट दिया था। इससे छात्र नाराज चल रहा था।

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अस्पताल में दाखिल अध्यापक सर्बजीत सिंह ने बताया कि वह सुबह प्रार्थना सभा में खड़े थे। तभी स्कूल के ही 12वीं कक्षा का एक विद्यार्थी अपने बाहरी दोस्तों साथ आया और पीछे से उन ऊपर हमला कर दिया। हमलावरों ने मारपीट और तेजधार हथियार से सिर पर वार किया है। इससे सिर पर गहरे घाव हो गए हैं। अन्य अध्यापकों को आते देख हमलावर भाग निकले। 

सरकारी अध्यापक यूनियन के जिला प्रधान सुरजीत सिंह, जनरल सचिव रविन्द्र सिंह पप्पी, मनप्रीत सिंह और शमशेर सिंह ने इस हमले की कड़ी निंदा की और ठोस कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर अध्यापक को इंसाफ नहीं मिला तो अध्यापक यूनियन सख्त कदम उठाने पर मजबूर हो जाएगी। उधर, इस संबंध में जब स्कूल प्रिंसिपल से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने यह कहते हुए फोन काट दिया कि आरोपी बच्चे हमारे स्कूल के नहीं हैं।
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कोविड महामारी के चलते बच्चे सोशल मीडिया और इंटरनेट पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं। शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण धैर्य की कमी आई है। सामाजिक बदलाव के कारण बड़ी संख्या में परिवार भी एकल हो गए हैं। संयुक्त परिवार में बुजुर्ग शिक्षकों के महत्व को बताते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। किशोरावस्था में बच्चे अपने गुस्से पर काबू नहीं रखते। इसके अलावा शिक्षक और बच्चों के बीच में जो रिश्ता होता था वह भी समाज की कुछ घटनाओं के कारण धूमिल हुआ है। इसी वजह से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इन पर काबू पाने के लिए अभिभावकों को बच्चों के साथ समय बिताना होगा और उन्हें सामाजिक ढांचे में ढालना होगा। - डॉ. कृष्ण कुमार सोनी, क्लीनिकल साइकोलोजिस्ट, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़।

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