फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh: पंजाब में अभी और 15 दिन जलेगी पराली, धान की कटाई का 10 फीसदी काम अभी बाकी

Tue, 08 Nov 2022 09:32 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

अधिकारियों के अनुसार, मालवा क्षेत्र में करीब 2 लाख हेक्टेयर खेतों में पराली बची है जबकि धान की कटाई का 10 फीसदी काम भी बाकी है और उससे भी पराली निकलेगी।
विज्ञापन
पराली - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसानों को पराली जलाने के रोकने के लिए पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदमों को बेअसर साबित करते हुए प्रदेश में अभी अगले 15 दिन तक पराली जलने के आसार हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने धान की कटाई और खेतों में बची पराली को देखते हुए यह अनुमान लगाया है।

विज्ञापन


अधिकारियों के अनुसार, मालवा क्षेत्र में करीब 2 लाख हेक्टेयर खेतों में पराली बची है जबकि धान की कटाई का 10 फीसदी काम भी बाकी है और उससे भी पराली निकलेगी। इस सारी पराली को निपटाने के लिए आग का सहारा ले रहे किसान किसी भी अन्य उपाय को गंभीरता से नहीं ले रहे। ऐसे में और 15 दिन तक पराली जलाने का काम जारी रह सकता है। इससे उत्तर भारत के राज्यों को वायु प्रदूषण से अभी निजात मिलना संभव नहीं है।

कृषि विभाग के अनुसार, माझा और दोआबा में धान की कटाई का काम पूरा हो चुका है और किसानों ने पराली जलाने व अन्य उपायों के साथ रबी सीजन के लिए खेत तैयार करना शुरू कर दिया है। केवल मालवा क्षेत्र में धान की कटाई का 10 फीसदी काम बाकी रह गया है लेकिन इस क्षेत्र में करीब 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पराली को साफ किया जाना बाकी है। इसके अलावा 10 फीसदी फसल से भी नई पराली निकलेगी, जिसे जल्दी साफ करने के लिए किसान आग का सहारा ले सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कृषि विभाग के अनुसार, इस बार राज्य में 38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई की गई थी। माझा और दोआबा क्षेत्र में धान की कटाई का काम लगभग समाप्त हो चुका है जबकि मालवा क्षेत्र, जिसमें कुल धान क्षेत्र का लगभग 68 फीसदी हिस्सा आता है, में कटाई का काम अभी जारी है।

उधर, राज्य सरकार द्वारा पराली जलाने से रोकने के लिए लगातार किए जा रहे उपायों का कोई असर राज्य में दिखाई नहीं दे रहा। इस समय दूरदराज के खेतों में ही नहीं बल्कि जीटी रोड के किनारे खेतों में भी दिन-रात पराली जलने से धुआं उठता देखा जा सकता है। पराली के निस्तारण के लिए मशीनें उपलब्ध कराने की योजना के अलावा राज्य सरकार द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान असफल साबित हुए हैं।

पराली जलाने की घटनाओं के आंकड़ों के अनुसार, 15 सितंबर से 7 नवंबर 2022 के दौरान पंजाब में पराली जलाने की 32486 घटनाएं दर्ज की गईं। इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान का जिला संगरूर सबसे आगे है, जहां इस अवधि के दौरान पराली जलाने के 5025 मामले दर्ज किए गए। बाकी जिलों में, पटियाला में 3091, तरनतारन में 2973, फिरोजपुर में 2788, बठिंडा में 2415, बरनाला में 1849, मानसा में 1641, लुधियाना में 1501, मोगा में 1460, अमृतसर में 1452, मुक्तसर में 1385, होशियारपुर में 220, रोपड़ में 198, नवांशहर में 198 और मोहाली में 99 मामले दर्ज हुए हैं। इस सीजन में अब तक पंजाब में 2 नवंबर को एक दिन में सबसे ज्यादा 3,634 मामले सामने आए हैं। हालांकि 3 नवंबर को यह आंकड़ा 2666 तक गिर गया था। 7 नवंबर को पंजाब में पराली जलाने के 2,487 मामले दर्ज किए गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें