सेक्टर-15 में स्ट्रीट डॉग्स ने कहर बरपा रखा है। यहां 70-80 स्ट्रीट डॉग्स हैं, जो आए दिन किसी न किसी को काटते रहते हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कुछ घरों से लोग इन्हें सुबह-शाम खाना देते हैं।
इसलिए ये डाग्स इसी सेक्टर में घूमते रहते हैं और लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।
इससे घबराई महिलाएं अब बच्चों को अकेले खेलने के लिए भी भेजने से गुरेज करने लगी हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर नगर निगम इन डॉग्स से निजात नहीं दिलाया तो किसी दिन उनके दफ्तर के पास दो दर्जन स्ट्रीट डॉग्स को छोड़ दिया जाएगा।
शहर में लावारिस पशुओं को हटाने के लिए नगर निगम ने अभियान चलाया। इसके तहत कुछ गाय, बैलों और भैंसों को तो सड़कों के इर्द गिर्द से हटाया गया, लेकिन स्ट्रीट डॉग्स को हटाने पर किसी का ध्यान नहीं गया।
उधर, निगम अधिकारियों का कहना है कि स्टरलाइजेशन की दोबारा शुरुआत की जाएगी। सेक्टर-15 में अगर ऐसी समस्या बढ़ गई है तो इस सेक्टर को प्राथमिकता दी जाएगी।
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पिछले एक साल के दौरान मुझे तीन बार स्ट्रीट डॉग्स ने काटा है और मैंने इंजेक्शन भी लगवाए। बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते समय भी स्ट्रीट डाग्स स्कूटी के पीछे भागते हैं, जिससे हादसे का खतरा रहता है।
- आरती तलवार
डॉग बाइट की समस्या इस कदर बढ़ गई है कि न कोई बच्चा स्कूल जाते हुए सुरक्षित है और न ही कोई बुजुर्ग वॉक करते हुए। स्कूटी पर जाते समय ये डॉग्स खदेड़ते हैं, जिससे हादसे का डर रहता है। शाम के बाद खतरा और बढ़ जाता है।
- निधि गुप्ता
मेरी बहू को भी स्ट्रीट डॉग्स ने काटा है। जरूरत है कि इन डॉग्स को यहां से दूर किया जाए। निगम पार्षद ने वोट के लिए तो काफी मिन्नतें की, लेकिन अब लोगों की सुध लेने पर किसी का ध्यान नहीं है।
- शांति गर्ग
सुबह से रात तक, हर वक्त स्ट्रीट डॉग्स का खौफ रहता है। जब से झुंड में निकलते हैं तो और खतरनाक हो जाते हैं। दो पहिया वाहनों के पीछे दौड़ते हैं और पैदल चलने वालों को भी शिकार बनाते हैं।
- वीणा गोयल
नगर निगम ने इन्हें अगर सेक्टर से हटाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया तो किसी दिन दफ्तर के सामने 20-25 स्ट्रीट डॉग्स छोड़ दिए जाएंगे। स्ट्रीट डॉग्स की समस्या काफी गंभीर है। इससे निजात दिलानी चाहिए।
- बवीता
इनका स्टरलाइजेशन कर दूर के इलाकों में छोड़ देना चाहिए। यह अन्य लावारिस पशुओं से अधिक खतरनाक हैं। चाहे पैदल जाने वाले लोग हों या वाहनों पर जाने वाले, हर कोई इनसे खौफजदा है।
- प्रेम भारद्वाज
पहले भी दर्जनों हादसे हो चुके हैं। बच्चों और महिलाओं को इनकी वजह से काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं। कई बार स्कूल जाते हुए भी बच्चों को डर लगता है। इसका स्थायी समाधान करना चाहिए।
- रश्मि
स्ट्रीट एनीमल्स को आखिरकार कौन हटाएगा। क्यों नहीं नगर निगम की ओर से इन्हें पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाता है। जब लोगों को सुविधा ही नहीं मिल पाएगी तो नगर निगम का क्या फायदा?
- स्वाति
पशुओं से आम लोगों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने की वजह से परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इसका हल ढूंढना चाहिए।
- एसके वोहरा